मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओड समाज के लिए छात्रावास और धर्मशाला की घोषणा की
सीएम ने जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला हेतु भूमि आवंटन के साथ पाक विस्थापितों की मदद और श्रमिक कल्याण योजनाओं के विस्तार का वादा किया है।

जयपुर में आयोजित ओड समाज संवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह का अभिवादन स्वीकार करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा।
जयपुर, 3 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओड समाज को बड़ी सौगात देते हुए जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओड समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और इसने राष्ट्र की प्रगति में अहम योगदान दिया है, जहां श्रम, संस्कृति और स्वाभिमान इसकी पहचान रहे हैं।
मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ओड समाज संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओड समाज ने किलों और महलों के निर्माण में अपनी कुशलता का परिचय दिया है, वहीं जल संरचनाओं के निर्माण में इसकी अद्भुत कला रही है। राजस्थान में जल संरक्षण की परंपरा को समृद्ध बनाने में इस समाज का उल्लेखनीय योगदान रहा है और इनके पूर्वजों ने पानी के संसाधनों का सर्वाेत्तम उपयोग करना सिखाया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार पाक विस्थापित ओड समाज के लोगों की हर संभव सहायता करेगी। उन्होंने प्रदेश में पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिलाओं के लिए संचालित जनधन खाता, रसोई गैस सिलेण्डर, हर घर नल से जल, शौचालय निर्माण और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को सम्मान निधि तथा जरूरतमंदों को खाद्य सुरक्षा और मुफ्त इलाज का लाभ मिल रहा है। उन्होंने विकसित भारत और विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने ‘श्रमेव जयते’ के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रमिकों का कल्याण राष्ट्र निर्माण की नींव है और श्रमिक-सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का सम्मान, सहूलियत और सुरक्षा ही श्रम नीति का आधार है। श्रम योगी मान-धन पेंशन योजना के तहत असंगठित श्रमिकों को वृद्धावस्था में सहारा दिया जा रहा है, जिसमें 27 हजार से अधिक श्रमिकों का पंजीयन हुआ है। चार नई श्रम संहिताओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान और सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 18 ट्रेड के दस्तकारों को 5 प्रतिशत की दर पर ऋण तथा 2 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान प्रदान किया जा रहा है। अब तक 2 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण और 53 हजार से अधिक को ऋण उपलब्ध कराया गया है। श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों के लिए मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना लागू की गई है, जिसमें 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 3 हजार रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान है। राज्य सरकार ने न्यूनतम दैनिक मजदूरी में 26 रुपये की वृद्धि कर विभिन्न योजनाओं में करीब 9 लाख श्रमिकों को 980 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 20 लाख श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन किया गया है, जिससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। श्रमिकों के कल्याण और रोजगार अवसरों में वृद्धि के लिए श्रम-सेतु मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है।
उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 8 उत्तीर्ण करने पर जन्म प्रमाण पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था का उल्लेख किया। शहरी क्षेत्रों में घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों को करीब डेढ़ हजार पट्टे जारी किए गए हैं तथा दादूदयाल घुमंतू सशक्तीकरण योजना लागू की गई है। इन समुदायों के बच्चों की शिक्षा के लिए हर जिले में ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ स्थापित किए जाएंगे। अन्य पिछड़ा वर्ग उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग 80 हजार विद्यार्थियों को 80 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फूले मंडी श्रमिक कल्याण योजना के तहत लगभग 2 हजार किसानों को लाभ मिला है और मंडी श्रमिकों की बेटियों के विवाह हेतु सहायता राशि बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई है। लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों के लिए राजकीय महाविद्यालयों में राजकीय निधि कोष का शुल्क भी माफ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने ओड समाज के युवाओं से आधुनिक कौशल प्रशिक्षण लेकर रोजगार प्रदाता बनने, बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने तथा महिलाओं को आगे बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम में ओड महासभा के अध्यक्ष प्रेम ओड सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau
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