पशु रोग नियंत्रण पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सख्त, टीकाकरण से चूक और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पशु रोग नियंत्रण की समीक्षा बैठक में टीकाकरण, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों और मंगला पशु बीमा योजना पर सख्त निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पशु रोग नियंत्रण को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में कोई भी पशु लक्षित टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पशुओं का स्वास्थ्य किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार है और किसी पशु के बीमार होने का सीधा असर किसान की आजीविका तथा आय पर पड़ता है। इसलिए पशुओं के टीकाकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विभाग को फील्ड स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा पशु चिकित्सा संस्थानों में नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अस्पताल की दवाओं के निजी उपयोग सहित किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बेजुबान पशुओं के उपचार में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों तथा रिपोर्टों का फील्ड वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के संचालन की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि इनके संचालन में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों, दवा वितरण तथा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की जिलेवार और उपखण्डवार प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अब तक 23.25 लाख पशुओं का बीमा किया जा चुका है, जबकि 11.16 लाख से अधिक पशुपालकों को इसका लाभ मिला है। वहीं प्रदेश में 536 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से पशुपालकों को उनके घर के पास पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इन इकाइयों के जरिए अब तक 64 लाख से अधिक पशुओं का उपचार किया गया है और लगभग 17.5 लाख पशुपालक लाभान्वित हुए हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है तथा इसके अध्ययन के लिए एशियाई विकास बैंक को अधिकृत किया गया है।
बैठक में पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय और पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बैठक के अंत में दोहराया कि पशुपालकों के हितों की रक्षा और पशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग और भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
