शपथ ग्रहण समारोह: दी बार एसोसिएशन जयपुर

जयपुर, 23 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को बनीपार्क स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में दी बार एसोसिएशन जयपुर के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने दी बार एसोसिएशन जयपुर के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, "अधिवक्ता कानून की कठिन भाषा को सरल बनाकर समाज को न्याय दिलाने वाले सेतु हैं। जब कोई आम आदमी किसी मुसीबत में होता है, तो वह न्याय की आस लेकर सबसे पहले अधिवक्ता के पास ही जाता है। इसलिए उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए कार्य करना चाहिए।"

लोकतंत्र के प्रहरी और विधिक भूमिका

श्री शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र के तीन प्रमुख स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका अपनी-अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाते हुए एक-दूसरे के साथ संतुलन बनाए रखते हैं, तभी एक स्वस्थ और जीवंत लोकतंत्र का निर्माण होता है।

  • अधिवक्ता न्यायपालिका के साथ मिलकर उस संतुलन को बनाए रखने में सहयोग करते हैं।
  • वे संविधान एवं मौलिक अधिकारों के रक्षक तथा लोकतंत्र के प्रहरी की भूमिका निभाते हैं।
  • अधिवक्ता समाज को न्याय दिलाने के साथ ही आमजन को कर्तव्यबोध भी कराते हैं।

न्याय प्रणाली में सुधार और नए कानून

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार सभी को न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि त्वरित न्याय के बिना विकास अधूरा है।

"प्रदेश में तीन नए कानून को जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है। इन नए कानूनों के माध्यम से राजस्थान सबसे तीव्र गति से न्याय पहुंचाने वाले राज्यों में से एक बन गया है।"

बौद्धिक विमर्श, नैतिक अनुशासन और सामूहिक शक्ति का केंद्र

श्री शर्मा ने बार एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि दी बार एसोसिएशन जयपुर विधि की परंपरा, अनुशासन, तर्क की परिपक्वता और बौद्धिक उत्कृष्टता का केन्द्र रही है। यह संस्था न केवल पेशेवर मंच प्रदान करती है, बल्कि बौद्धिक विमर्श, नैतिक अनुशासन और सामूहिक शक्ति का भी केंद्र है। यह विधिक सुधारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

अधिवक्ता कल्याण और न्यायिक सुदृढ़ीकरण के कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और अधिवक्ताओं की न्यायसंगत मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। सरकार द्वारा किए गए प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:

  • 42 नए न्यायालय स्थापित किए गए हैं।
  • फलौदी, खैरथल-तिजारा सहित कुल 8 जिला एवं सेशन न्यायालयों का सृजन किया गया है।
  • बड़ी सादड़ी एवं केशोरायपाटन कैम्प कोर्ट के स्थान पर नियमित अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय।
  • हनुमानगढ़, सवाई माधोपुर, चुरू, बीकानेर एवं जोधपुर में विशेष (पॉक्सो एक्ट) न्यायालय।
  • झुंझुनू में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट) न्यायालय।
  • पहाडी (डीग) एवं खैरथल-तिजारा में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय का सृजन।
  • लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु विशेष अदालतों एवं फास्ट ट्रैक तंत्र को अधिक सशक्त किया जा रहा है।
  • ई-कोर्ट प्रणाली, डिजिटल फाइलिंग और तकनीकी आधुनिकीकरण को बढ़ावा दिया गया है।

समारोह में गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे:

  • श्री झाबर सिंह खर्रा (नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार)
  • श्री गोपाल शर्मा (विधायक)
  • श्री अनिल कुमार उपमन (न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
  • श्री मनीष शर्मा (न्यायाधीश)
  • श्री भुवनेश शर्मा (चैयरमेन, बार काउंसिल ऑफ राजस्थान)
  • श्री सोमेश चन्द शर्मा (नवनिर्वाचित अध्यक्ष, दी बार एसोसिएशन जयपुर)
  • बार एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्तागण।
Pratahkal Bureau

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