भजनलाल सरकार का मास्टरस्ट्रोक: राजस्थान में 1 लाख सरकारी नौकरियों के साथ 'भर्ती कैलेंडर 2026' जारी, युवाओं में उत्साह की लहर
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने वर्ष 2026 के लिए ऐतिहासिक भर्ती कैलेंडर जारी किया है, जिसके तहत 1 लाख से अधिक पदों पर 44 परीक्षाएं होंगी। भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने इसे युवाओं के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और पेपरलीक के गंभीर आरोप लगाए। जानिए राजस्थान की नई रोजगार नीति और अर्थव्यवस्था के 350 बिलियन डॉलर के लक्ष्य का पूरा रोडमैप।

जयपुर, 13 जनवरी 2026। राजस्थान की राजनीति में युवाओं को केंद्र में रखकर एक बड़े अध्याय की शुरुआत हुई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जारी किए गए 'भर्ती कैलेंडर 2026' को प्रदेश के इतिहास का एक क्रांतिकारी कदम बताया है। सरकार ने एक साथ 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती का खाका पेश कर यह स्पष्ट कर दिया है कि उसका लक्ष्य 'बिना खर्ची और बिना पर्ची' के पारदर्शी शासन देना है।
भर्ती कैलेंडर: 44 परीक्षाओं का स्पष्ट रोडमैप
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य का स्पष्ट रोडमैप है। कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2026 में 44 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने भाजपा के संकल्प पत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी नौकरियां देने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है।
रोजगार के आंकड़े और उपलब्धियां:
बीते दो वर्ष: 92 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।
प्रक्रियाधीन पद: वर्तमान में 1.53 लाख पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है।
लक्ष्य 2029: 'राजस्थान रोजगार नीति 2026' के माध्यम से मार्च 2029 तक 15 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
विपक्ष पर प्रहार: "कांग्रेस कार्यकाल पेपरलीक और भ्रष्टाचार का दौर था"
राठौड़ ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के समय बेरोजगारी दर 26 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर 7.4 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को उनके शिक्षा मंत्री के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौरान शिक्षकों ने स्वयं मुख्यमंत्री के सामने रिश्वत लेकर तबादलों की बात कबूली थी।
उन्होंने आगे कहा, "भजनलाल सरकार ने पिछले दो वर्षों में 296 परीक्षाएं बिना किसी पेपरलीक के सफलतापूर्वक आयोजित कर प्रदेश से पेपरलीक और नेटबंदी के कलंक को धो दिया है।"
आर्थिक विजन और स्टार्टअप पर जोर
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और डॉ. अरूण चतुर्वेदी ने भी सरकार की नीतियों की सराहना की। परनामी ने बताया कि प्रदेश में 3 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं और उन्हें सरकार द्वारा फंडिंग दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है, जिसके लिए कौशल विकास और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
निष्कर्ष: 2028 की तैयारी और संवेदनशील शासन
डॉ. अरूण चतुर्वेदी ने विश्वास जताया कि अपनी आपसी कलह में उलझी कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि भजनलाल सरकार की जनहितैषी और युवा-केंद्रित नीतियों के कारण 2028 के विधानसभा चुनावों में राजस्थान एक नया इतिहास रचेगा और भाजपा भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
इस प्रेस वार्ता में भाजपा महामंत्री कैलाश मेघवाल, प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप धनकड़ और मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ सहित कई गणमान्य नेता उपस्थित रहे।

