ब्यावर में आगामी 18 जुलाई को आयोजित होने वाली धारा 138 पराक्राम्य लिखित अधिनियम मामलों की विशेष लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने को लेकर सोमवार को महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष हारून के निर्देशानुसार संपन्न हुई।

बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सोनल पारिख ने लंबित प्रकरणों के अधिकाधिक निस्तारण हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने संबंधित पक्षकारों के मध्य आपसी समझाइश, सुलह एवं मध्यस्थता के माध्यम से मामलों के समाधान पर विशेष जोर दिया। साथ ही न्यायालयों को निर्देशित किया गया कि चिन्हित प्रकरणों में पूर्व परामर्श, मध्यस्थता और पक्षकारों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर लोक अदालत को सफल बनाया जाए।

बैठक के दौरान लोक अदालत के प्रभावी संचालन, अधिकतम राजीनामे तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि अधिक से अधिक मामलों का समाधान आपसी सहमति के आधार पर किया जा सके, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को गति मिल सके।

इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिता शर्मा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण शंकर, प्रवीण चौहान, मोनिका चौधरी, न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्षित शर्मा, अमन तेंगुरिया, राघवेन्द्र दाधीच, लक्ष्या ए. वधवा तथा सुषमा जाखड़ सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

यह बैठक लोक अदालत की तैयारी को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ न्यायिक मामलों के त्वरित और आपसी सहमति आधारित निस्तारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आगामी विशेष लोक अदालत की प्रभावशीलता और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

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