ब्यावर शहर के महत्वपूर्ण जल स्रोतों में शामिल बिचडली तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए प्रशासन ने एक बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। तालाब के जलभराव क्षेत्र में भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों द्वारा किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर गरजा है। उपखंड अधिकारी दिव्यांश सिंह के सीधे निर्देशन में गुरुवार को तालाब क्षेत्र में एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत जलभराव क्षेत्र में अवैध रूप से डाली गई टन-प्रशंसित मिट्टी को हटाया गया और वहां खड़े किए गए अस्थायी निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की इस अचानक और त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।

यह पूरी कार्रवाई पिछले कुछ समय से बिचडली तालाब के आसपास मिट्टी डालकर इसके प्राकृतिक जलभराव क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाने तथा वहां अवैध निर्माण किए जाने संबंधी लगातार मिल रही गंभीर शिकायतों के बाद अमल में लाई गई है। जनभावनाओं और शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक टीम द्वारा पहले मौके का बारीकी से निरीक्षण किया गया था, जिसमें प्रथम दृष्टया सभी शिकायतें बिल्कुल सही पाई गईं। इसके तुरंत बाद प्रशासन ने बिना कोई समय गंवाए अतिक्रमण हटाने की इस बड़ी कार्रवाई को शुरू कर दिया।

उपखंड अधिकारी दिव्यांश सिंह ने इस संदर्भ में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि वर्तमान में की गई यह कार्रवाई केवल प्रथम चरण है। आगामी दिनों में तालाब क्षेत्र में किए गए तमाम पक्के निर्माणों, वहां की भूमि की वास्तविक स्थिति और राजस्व रिकॉर्ड की अत्यंत विस्तृत व गहन जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा नियमों का खुला उल्लंघन कर अवैध निर्माण किया जाना पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मामले की तकनीकी और कानूनी गहराई को साझा करते हुए दिव्यांश सिंह ने बताया कि हल्का पटवारी नयानगर की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व ग्राम नयानगर स्थित खसरा संख्या 2328/1461, 2494/2470, 1440, 1447, 1448 एवं 2515/1456 की खातेदारी भूमियों पर संबंधित खातेदारों द्वारा बिना किसी विधिक संपरिवर्तन (कन्वर्जन) कराए भूमि को गंभीर रूप से खुर्दबुर्द कर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यह पूरा मामला इसलिए भी अत्यंत गंभीर प्रकृति का माना जा रहा है क्योंकि उक्त सभी भूमियां माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों से जुड़े सुप्रसिद्ध 'अब्दुल रहमान प्रकरण' के अंतर्गत आती हैं।

इस घोर लापरवाही और अवैध कृत्य को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित खातेदारों के विरुद्ध राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 177 के तहत बकायदा प्रकरण तैयार कर उपखंड अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर दिए हैं। इसके साथ ही, इस पूरी भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराने और भविष्य में यहां किसी भी प्रकार के नए अवैध निर्माण को सिर उठाने से रोकने के लिए नगर परिषद ब्यावर को आवश्यक संसाधन एवं मशीनरी मुस्तैदी से उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

उपखंड अधिकारी ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि ब्यावर के तालाबों और प्राकृतिक जल स्रोतों की सुरक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी रसूखदार या अन्य व्यक्ति को जलभराव क्षेत्र में अतिक्रमण करने या उसकी प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था को बाधित करने की इजाजत कतई नहीं दी जा सकती। तालाब के मूल स्वरूप को हर हाल में संरक्षित रखने तथा पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए यह कड़ा अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके पर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसमें महिला कांस्टेबल सहित भारी पुलिस जाप्ता शामिल रहा। अभियान के दौरान मौके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, तहसीलदार हनुत सिंह, पुलिस उपाधीक्षक राजेश कसाना सहित राजस्व विभाग, नगर परिषद एवं पुलिस विभाग के आला अधिकारी और कर्मचारी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य सभी जल स्रोतों और तालाब क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की सख्त बुलडोजर कार्रवाई दोहराई जा सकती है।

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