ब्यावर में अग्रवाल समाज द्वारा 175वें ऐतिहासिक बादशाह मेले का आयोजन
गुलाल और अबीर के साथ निकली बादशाह की शाही सवारी, बीरबल ने किया पारंपरिक नृत्य और उपखंड अधिकारी को सौंपा गया शहर विकास का फरमान।

ब्यावर में आयोजित 175वें बादशाह मेले के दौरान गुलाल उड़ाते बादशाह और वजीर के साथ पारंपरिक नृत्य करता बीरबल।
ब्यावर (प्रातःकाल संवाददाता)। बुधवार को अग्रवाल समाज द्वारा सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक 175वें बादशाह पर्यटन मेले का आयोजन किया गया। सायं करीब सवा 5 बजे भैरव जी के खेजङे थान पर पूजन-अर्चन के बाद बादशाह की शाही सवारी अपने मुकाम के लिए रवाना हुई। गुलाल अबीर से लदे खुले ट्रक में सवार बादशाह (चन्द्र शेखर अग्रवाल) व वजीर (चन्द्र प्रकाश गोयल) ने प्रजा को अशर्फियों की प्रतीक गुलाल को बतौर खर्ची लुटाया। सवारी के आगे बीरबल (मुकेश उपाध्याय) पारंपरिक घूमर गैर नृत्य कर रहा था।
गुलाल और अबीर से सराबोर हुआ शहर
मेले में शामिल हर शख्स गुलाल अबीर से सराबोर हो गया। लोगों में गुलाल लूटने की होङ सी मच गई। सवारी मार्ग की सड़कें गुलाल अबीर से लालाजार हो गई। देर शाम सवारी एकता सर्किल, फतेहपुरिया चौपड़ व अजमेरी गेट होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। जहां पर जिला प्रशासन एवं बादशाह के मध्य गुलाल युद्ध हुआ।
विकास का फरमान और प्रशासनिक व्यवस्था
बादशाह अग्रवाल ने उपखंड अधिकारी दिव्यांश सिंह को "शहर के विकास का फरमान सौंपा।" मेले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिला पुलिस प्रशासन द्वारा सादा व बावर्दी पुलिस कर्मी तैनात किये गये। अजमेरी गेट के बाहर प्रोफेशनल ङिजिटल साउंङ सिस्टम लगाया गया।
आयोजन समिति की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक मेले में अग्रवाल समाज के अध्यक्ष अमित बंसल, मंत्री निखिल जिंदल, बादशाह मेला समिति संयोजक मुकेश गर्ग, अजय गोयल, सह संयोजक कमल सर्राफ, भरत गर्ग व विशाल मित्तल इत्यादि मौजूद रहे।

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