बाड़मेर जिले में सामने आए एक ब्लाइंड मर्डर के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया, जहां सदर थाना पुलिस ने त्वरित और तकनीकी जांच के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। प्रेम प्रसंग से उपजे विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली और उसके बाद जिस तरह से साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई, उसने मामले को और भी गंभीर बना दिया।

घटना के अनुसार 4 जून को परिवादी महेशाराम भील निवासी गरल, हाल महाबार ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई तेजाराम का शव नौखड़ा मालपुरा फांटा के पास सरहद हेमाराम जाट की ढाणी के समीप स्थित लगभग साढ़े तीन से चार फीट गहरे पानी से भरे टांके में तैरता हुआ मिला है। सूचना मिलने पर थानाधिकारी करतार सिंह ने मौके पर पहुंचकर मर्ग दर्ज किया और जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच, घटनास्थल निरीक्षण, गवाहों के बयान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को मृतक की पत्नी नेतलदेवी और उसके एक परिचित गुमानसिंह की भूमिका पर संदेह हुआ। जांच आगे बढ़ने पर 15 जून को मृतक के भाई महेशाराम ने पुनः रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पत्नी नेतलदेवी, उसके कथित प्रेमी गुमानसिंह और निम्बाराम के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य के सुपरविजन में सीओ रमेश कुमार शर्मा ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और जाल बिछाकर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गुमानसिंह पुत्र अनोप सिंह राजपूत निवासी मीठड़ा/महाबार तथा मृतक की पत्नी नेतलदेवी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक तेजाराम जालोर में मजदूरी करता था, जहां उसे अपनी पत्नी और गुमानसिंह के बीच अवैध संबंधों की जानकारी मिली थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया और नेतलदेवी अपने बच्चों को लेकर घर छोड़कर बाड़मेर आ गई।

इसके बाद तेजाराम अपनी पत्नी को समझाने और गुमानसिंह से बात करने के लिए बाड़मेर पहुंचा, जहां तीनों के बीच विवाद और तीखी बहस हुई। इसी दौरान गुमानसिंह और नेतलदेवी ने मिलकर तेजाराम को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को सुनसान इलाके में स्थित पानी से भरे टांके में फेंक दिया गया और दोनों मौके से फरार हो गए।

इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में सदर थाना टीम के साथ-साथ कॉन्स्टेबल भरत कुमार और शंकर सिंह की तकनीकी साक्ष्य संकलन एवं फील्ड इंटेलिजेंस में विशेष भूमिका रही, जिसके चलते पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस अब मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।

यह मामला न केवल पारिवारिक रिश्तों में उपजे अविश्वास और अपराध की भयावह परिणति को उजागर करता है, बल्कि पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच क्षमता की भी मिसाल पेश करता है, जिसके चलते एक जटिल ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश संभव हो सका।

Pratahkal Bureau

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