1 लाख के इनामी तस्कर 'सांवरा' के नेटवर्क पर एजीटीएफ का बड़ा प्रहार: 91 किलो डोडा पोस्त बरामद, मुख्य सहयोगी गिरफ्तार
बाड़मेर के सेडवा में पुलिस ने एक लाख के इनामी तस्कर सांवरा के सिंडिकेट से जुड़े जयकिशन को 91 किलो अवैध डोडा पोस्त के साथ पकड़ा।

बाड़मेर के सेडवा में पुलिस टीम द्वारा बरामद की गई अवैध डोडा पोस्त की खेप और पकड़ा गया आरोपी जयकिशन, जो तस्कर सांवरा के नेटवर्क से जुड़ा है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ राजस्थान पुलिस के एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। एजीटीएफ जयपुर और बाड़मेर की सेडवा थाना पुलिस द्वारा संचालित एक संयुक्त और सटीक ऑपरेशन में राज्य स्तरीय इनामी तस्कर सांवरा उर्फ श्यामसुन्दर के सिंडिकेट को ध्वस्त करते हुए 91.240 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया गया है। इस कार्रवाई ने मादक पदार्थों की तस्करी के बड़े नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
यह साहसिक ऑपरेशन अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एजीटीएफ) श्री दिनेश एमएन के कुशल निर्देशन में अंजाम दिया गया। घटनाक्रम के अनुसार, गुरुवार रात करीब 09:18 बजे जयपुर एजीटीएफ की टीम को अत्यंत गोपनीय इनपुट प्राप्त हुआ कि सोमारडी निवासी जयकिशन पुत्र दोलाराम विश्नोई के घर में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ छुपाया गया है, जिसका संबंध एक लाख रुपये के इनामी वांछित तस्कर सांवरा से है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सेडवा थानाधिकारी प्रभुराम ने पुलिस जाब्ते के साथ तत्काल दबिश की रणनीति तैयार की।
पुलिस ने जब सोमारडी स्थित जयकिशन के घर की तलाशी ली, तो वहां मौजूद आरोपी जयकिशन के स्टोर रूम में इसबगोल और जीरे के कट्टों के बीच छुपाकर रखे गए तीन प्लास्टिक के कट्टे बरामद हुए। गहन जांच में इन कट्टों के भीतर 91.240 किलोग्राम डोडा पोस्त पाया गया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए आरोपी जयकिशन को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि यह खेप 10 जून 2026 की रात को उसके पड़ोसी तेजाराम पुत्र भागीरथराम विश्नोई द्वारा लाकर रखी गई थी, जिसके तार सीधे मुख्य तस्कर सांवरा के संगठित सिंडिकेट से जुड़े हैं।
इस ऑपरेशन में एजीटीएफ के एएसआई राकेश कुमार जाखड़, कांस्टेबल सुमेर सिंह और जिला स्पेशल टीम बाड़मेर के उप निरीक्षक आदेश कुमार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इस बड़ी खेप की बरामदगी और हाई-लेवल नेटवर्क के खुलासे के बाद, मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने अग्रिम अनुसंधान धनाऊ थानाधिकारी दीपसिंह को सुपुर्द किया है। पुलिस की विभिन्न टीमें अब मुख्य इनामी तस्कर सांवरा और उसके सहयोगी तेजाराम की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक बड़ी खेप को बाजार में खपने से रोका है, बल्कि तस्करों के मंसूबों पर भी गहरा प्रहार किया है।

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