बारां: ड्रग माफिया किशोर मीणा पर पुलिस की कार्रवाई, 5.82 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
राजस्थान के बारां में ऑपरेशन वज्र प्रहार के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ में पुलिस ने तस्कर किशोर मीणा, उसके भाई और पत्नी की चल-अचल संपत्ति सीज की।

राजस्थान की बारां जिला पुलिस ने ऑपरेशन वज्र प्रहार के तहत छीपाबड़ौद क्षेत्र के कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर किशोर कुमार मीणा की काली कमाई से अर्जित संपत्तियों और वाहनों को जब्त किया।
तस्कर किशोर मीणा, उसके भाई और पत्नी द्वारा काली कमाई से बनाए दो आलीशान बंगले, स्कार्पियो, ट्रेक्टर और बैंक बैलेंस अब सीज
जयपुर, 18 मई। राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ जारी सघन अभियान के बीच बारां पुलिस ने 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' के तहत ड्रग माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक आर्थिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत प्रभावी कदम उठाते हुए मादक पदार्थ तस्करी के काले कारोबार से अवैध रूप से अर्जित की गई करीब 5 करोड़ 82 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज कराने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कानूनन कार्रवाई की जद में तस्करों द्वारा निर्मित दो मंजिला आलीशान मकान, स्कॉर्पियो कार, मारुति सुजुकी कार, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, स्कूटी और करोड़ों रुपये के संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन आए हैं, जिन्हें पुलिस ने पूरी तरह से अपने रडार पर ले लिया है। इस सख्त कदम के बाद अब आरोपी इन संपत्तियों का किसी भी रूप में उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे।
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने इस बड़ी कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि जिले में मादक पदार्थ तस्करों और नशे के सौदागरों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत यह ऐतिहासिक और चौतरफा आर्थिक चोट की गई है। पुलिस थाना छीपाबड़ौद क्षेत्र के निवासी कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर किशोर कुमार मीणा, उसके भाई घनश्याम मीणा और उसकी पत्नी अनिता मीणा द्वारा अवैध मादक पदार्थ तस्करी के जरिए बनाई गई अकूत संपत्तियों की काफी समय से गोपनीय तरीके से गहन जांच की जा रही थी।
करोड़ों की काली संपत्ति और संदिग्ध बैंक लेनदेन का हुआ भंडाफोड़
इस विस्तृत आर्थिक और आपराधिक अनुसंधान के दौरान पुलिस ने पाया कि इन तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वाणिज्यिक मात्रा में मादक पदार्थ तस्करी के दो बेहद गंभीर आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। इन मामलों में बारां पुलिस ने पूर्व में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से कुल 263 किलोग्राम डोडा-चूरा जब्त किया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 39.45 लाख रुपये आंकी गई थी। पुलिस द्वारा किए गए गहन आर्थिक अनुसंधान के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि इन तीनों आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों में पिछले वर्षों के दौरान करीब 3 करोड़ 32 लाख रुपये का भारी-भरकम लेनदेन और नकदी जमा हुई है, जबकि उनकी वैध आय का कोई भी ठोस या कानूनी स्रोत नहीं मिला। इसके अतिरिक्त, आरोपियों द्वारा तस्करी की काली कमाई से खड़ी की गई करीब 2.50 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को भी पुलिस ने पूरी तरह चिन्हित किया।
दिल्ली में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष पेश हुआ मामला, अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय
थानाधिकारी छीपाबड़ौद द्वारा तैयार की गई इस विस्तृत आर्थिक अनुसंधान रिपोर्ट और तमाम पुख्ता दस्तावेजों को भारत सरकार के अंतर्गत नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (कॉम्पिटेंट अथॉरिटी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। बारां पुलिस ने तत्परता से पैरवी करते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत इन सभी संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज करने का महत्वपूर्ण विधिक अनुमोदन प्राप्त कर लिया है। बारां पुलिस की इस अभूतपूर्व और चौतरफा कार्रवाई के बाद अब देश की अन्य बड़ी वित्तीय जांच एजेंसियां भी पूरी तरह हरकत में आ गई हैं। आरोपियों की वैध आय से अधिक इस विशाल संपत्ति की गहराई से जांच आयकर विभाग (इंकम टैक्स डिपार्टमेंट) द्वारा शुरू कर दी गई है। वहीं, संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में इस्तेमाल किए गए संदिग्ध नोटरीकृत दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच स्टांप विभाग द्वारा और आरोपियों की कथित फर्जी फर्मों से जुड़े वित्तीय घपलों की जांच जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) तथा मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से की जा रही है।
मादक पदार्थ तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का संकल्प दोहराते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने स्पष्ट रूप से कहा कि बारां पुलिस अब केवल मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनकी अवैध कमाई से खड़ी की गई गगनचुंबी संपत्तियों को भी कानून के दायरे में लाकर पूरी तरह कुर्क और फ्रीज कराएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ड्रग माफियाओं की आर्थिक रीढ़ को समूल तोड़ने के लिए इस प्रकार की बड़ी आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक लगातार जारी रहेगी। इस पूरी ऐतिहासिक कार्रवाई को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहनाने और सफलीभूत बनाने में थाना छीपाबड़ौद के थानाधिकारी योगेश चौहान, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के विनोद कुमार, विमलेश मेहता, कांस्टेबल अनिल कुमार और कांस्टेबल कंवरपाल की विशेष एवं अत्यंत सराहनीय भूमिका रही है।

