राजस्थान के शैक्षिक परिदृश्य को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और कौशल विकास के माध्यम से एक नई दिशा देने के उद्देश्य से एसोचेम (ASSOCHAM) राजस्थान स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल द्वारा 'द ललित, जयपुर' में 'राजस्थान एजुकेशन समिट 2026' का भव्य आयोजन किया गया। शुक्रवार को आयोजित इस उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, प्रख्यात शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, तकनीकी विशेषज्ञों और एडटेक व एआई स्टार्टअप्स के संस्थापकों ने एक साझा मंच पर आकर राज्य के युवाओं के भविष्य और शिक्षा के बदलते स्वरूप पर गहन मंथन किया।

इस महत्वपूर्ण समिट के उद्घाटन सत्र में मुख्य रूप से राजस्थान के कॉलेज शिक्षा विभाग के आयुक्त ओम प्रकाश बैरवा, आईएएस, विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उनके साथ आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल (आईबीएस) की डायरेक्टर डॉ. श्वेता जैन, राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आरटीयू) कोटा के वाइस चांसलर प्रोफेसर निमित्त चौधरी, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) जयपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर एन.पी. पाधी और एसोचैम राजस्थान स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल के को-चेयरमैन इंजीनियर ओमकार बगड़िया गरिमामयी उपस्थिति में मंच पर विराजमान रहे। इसके अलावा शहर की कई अन्य गणमान्य विभूतियों ने भी इस सत्र की शोभा बढ़ाई।

समिट के एजेंडे को गति देते हुए दो प्रमुख तकनीकी सत्रों का संचालन किया गया, जो मुख्य रूप से नवाचार, रोजगार क्षमता, उद्यमिता, शिक्षा प्रणाली में एआई के एकीकरण और भविष्योन्मुखी शिक्षा मॉडलों पर केंद्रित रहे। प्रथम तकनीकी सत्र का विषय "एजुकेशन टू एंटरप्राइज: राजस्थान के नवाचार एवं कौशल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण" निर्धारित किया गया था। इस सत्र में विशेषज्ञों ने उद्योग जगत की मांग के अनुरूप शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करने पर अपनी विस्तृत राय रखी। इस विमर्श में यूईएम जयपुर के रजिस्ट्रार और प्रोवोस्ट प्रोफेसर प्रदीप कुमार शर्मा, सनस्टोन एजुकेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और वीपी नवीन गिडवानी, एलजेविर इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च रिलेशंस एंड एकेडमिक एडवाइजरी) डॉक्टर संदीप संचेती, सिंबोसिस स्किल एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी पुणे के डायरेक्टर डॉ. बृजेश सिंह, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के बिजनेस कम्युनिकेशंस विभाग के प्रोफेसर और डायरेक्टर डॉ. धनेश्वर शर्मा, ब्रेन स्कूल जयपुर के फाउंडर जयेश भट्ट तथा ह्यूमनली एआई के फाउंडर रिषभ नाग ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।

इसके पश्चात आयोजित दूसरे तकनीकी सत्र में "राजस्थान विज़न 2030: भविष्य के लिए तैयार शिक्षा तंत्र का निर्माण" विषय पर गंभीर चर्चा हुई। यह सत्र पूर्ण रूप से नीति समन्वय, संस्थागत उत्कृष्टता, उच्च स्तरीय अनुसंधान, नवाचार और राजस्थान के युवाओं को आगामी वैश्विक आर्थिक संभावनाओं के अनुरूप तैयार करने के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। इस सत्र को देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने संबोधित किया, जिनमें आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी.आर. सोडानी, आईसीएफएआई टेक स्कूल के प्रोफेसर और डायरेक्टर प्रोफेसर ए.के. सैनी, महात्मा ज्योतिबा फुले ग्रुप ऑफ कॉलेज एंड हॉस्पिटल्स के चेयरपर्सन कैलाश राज सैनी, स्किट (SKIT) के हेड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस विनीत जैन, तक्षशिला बिजनेस स्कूल की डिप्टी डायरेक्टर लवीना खिलनानी, जेईसीआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट विक्टर गंभीर और सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी की ऑफशियेटिंग प्रेसिडेंट रितु गिलहोत्रा सहित अन्य विषय विशेषज्ञ वक्ता शामिल रहे।

एसोचेम राजस्थान स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल का प्राथमिक और आधिकारिक लक्ष्य इस विशाल आयोजन के माध्यम से राज्य सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग जगत और उभरते स्टार्टअप्स के बीच एक सार्थक, परिणामकारी और दीर्घकालिक संवाद की मजबूत नींव रखना है। इस एकीकृत प्रयास के जरिए राजस्थान को देश के भीतर नवाचार आधारित आधुनिक शिक्षा और प्रतिभा विकास के एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीतिक योजना बनाई गई है। कार्यक्रम के समापन पर एसोचैम हेड दिनेश माथुर ने सभी आगंतुक अतिथियों और वक्ताओं को पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधा भेंट कर उनका औपचारिक आभार व स्वागत किया।

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