आंध्र प्रदेश: दक्षिण तटीय रेलवे जोन की घोषणा, अश्विनी वैष्णव ने बताया मास्टर प्लान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 जून 2026 से नए रेलवे जोन और हाई-स्पीड 'डायमंड' नेटवर्क के जरिए कनेक्टिविटी सुधारने की रूपरेखा पेश की।

विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते केंद्रीय रेल एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव।
अश्विनी वैष्णव ने आंध्र प्रदेश में रेलवे क्षेत्र के व्यापक विस्तार को नई दिशा देते हुए दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन के लिए राजपत्र अधिसूचना जारी करने की घोषणा की है, जिसकी प्रभावी तिथि 1 जून 2026 निर्धारित की गई है।
विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास समारोह के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए रेल, प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह कदम आंध्र प्रदेश में रेलवे प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मंत्री ने घोषणा की कि आंध्र प्रदेश ने अपने रेलवे नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण हासिल कर लिया है, जिससे यह क्षेत्र रेलवे आधुनिकीकरण में अग्रणी बन गया है। उन्होंने बताया कि राज्य को रेलवे के लिए रिकॉर्ड 10,134 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के संयुक्त राज्यों को पूर्व में मिले 886 करोड़ रुपये की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में आंध्र प्रदेश में लगभग 1,06,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं संचालित हो रही हैं, जिनका उद्देश्य बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना है। अवसंरचना विकास के तहत 74 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण और पूर्ण विकास किया जा रहा है, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। इसके साथ ही राज्य में 832 फ्लाईओवर और अंडरपास पूरे हो चुके हैं, 299 निर्माणाधीन हैं, 1,759 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पूरा हो चुका है तथा 3,300 किलोमीटर ट्रैक निर्माणाधीन है।
यात्री सेवाओं के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 16 वंदे भारत ट्रेनें और 22 अमृत भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिससे यात्रा दक्षता और यात्री सुविधा में सुधार हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि पूरे पूर्वी तट रेलवे कॉरिडोर को चार-लाइन नेटवर्क में अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे क्षमता दोगुनी होगी और 500 नई ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस प्रस्तावित हाई-स्पीड नेटवर्क के तहत अमरावती से हैदराबाद लगभग 70 मिनट, अमरावती से चेन्नई लगभग 112 मिनट, हैदराबाद से पुणे लगभग 1 घंटा 55 मिनट, पुणे से मुंबई लगभग 48 मिनट, चेन्नई से बेंगलुरु लगभग 73 मिनट तथा हैदराबाद से बेंगलुरु लगभग 2 घंटे 8 मिनट में यात्रा संभव होगी। मंत्री ने इस नेटवर्क को “हाई-स्पीड डायमंड” बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ये पहलें आंध्र प्रदेश को एक प्रमुख रेलवे और लॉजिस्टिक्स हब में बदलने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो आर्थिक विकास और क्षेत्रीय एकीकरण को गति प्रदान करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार संतुलित विकास और जन कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा केंद्र की एनडीए सरकार दक्षिणी राज्यों को बुनियादी ढांचे और कल्याण के क्षेत्र में पूर्ण न्याय प्रदान करेगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल विकास के मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

Pratahkal Bureau
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