नई दिल्ली: भारतीय रेल ने आम यात्रियों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए परिवहन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमृत भारत एक्सप्रेस ने अपनी शुरुआत से ही स्लीपर क्लास में 100% से अधिक ऑक्युपेसी हासिल की है। यह ट्रेन पूरी तरह से गैर-एसी आधुनिक सेवाओं से सुसज्जित है, जिसे विशेष रूप से कम और मध्यम आय वाले परिवारों को किफायती परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।

अमृत भारत की आधुनिक विशेषताएं और तकनीकी मानक

अमृत भारत एक्सप्रेस में वर्तमान में 11 जनरल क्लास कोच, 8 स्लीपर क्लास कोच, 1 पैंट्री कार और 2 लगेज कम दिव्यांगजन कोच शामिल हैं। इन ट्रेनों की विशेषता तेज गति और बेहतर सुरक्षा मानक हैं। इसमें वंदे भारत स्लीपर की तर्ज पर सीटों और बर्थों का बेहतर सौंदर्य और लुक दिया गया है। यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए इसमें झटके रहित सेमी-ऑटोमैटिक कपलर और क्रैश ट्यूब की व्यवस्था द्वारा कोचों में बेहतर क्रैशवर्थनेस सुनिश्चित की गई है। यात्रियों की सुरक्षा हेतु सभी कोचों और लगेज रूम में सीसीटीवी सिस्टम लगाए गए हैं। सुविधाओं के विस्तार में शौचालयों का बेहतर डिज़ाइन, बर्थ पर चढ़ने के लिए उन्नत सीढ़ी, एलईडी लाइट फिटिंग, और चार्जिंग सॉकेट शामिल हैं। इसके अलावा ईपी असिस्टेड ब्रेकिंग सिस्टम, शौचालयों एवं विद्युत कक्षों में एरोसोल आधारित अग्नि शमन प्रणाली, और मोबाइल चार्जिंग के लिए यूएसबी टाइप-ए व टाइप-सी सॉकेट दिए गए हैं। आपात स्थिति में यात्री और गार्ड के बीच संवाद के लिए इमरजेंसी टॉक बैक सिस्टम और उन्नत हीटिंग वाली नॉन-एसी पैंट्री भी मौजूद है। कोचों के बीच आवाजाही के लिए क्विक रिलीज़ मैकेनिज़्म के साथ पूरी तरह से सीलबंद गलियारे बनाए गए हैं।

देशभर में संचालित 54 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं

05.03.2026 तक भारतीय रेलवे नेटवर्क पर कुल 54 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से 11015/11016 लोकमान्य तिलक (टी)-सहरसा, 13697/13698 गया-दिल्ली, 15293/15294 मुजफ्फरपुर-चरलापल्ली, 15557/15558 दरभंगा-आनंद विहार (टी), 15561/15562 दरभंगा-गोमतीनगर, 15567/15568 बापूधाम मोतिहारी-आनंद विहार (टी), 22361/22362 राजेंद्रनगर (टी) - नई दिल्ली, 13433/13434 एसएमवीटी बेंगलुरु - मालदा टाउन, 13435/13436 मालदा टाउन-गोमतीनगर, 15133/15134 छपरा-आनंद विहार (टी), 14047/14048 सीतामढी - दिल्ली, 14627/14628 सहरसा-छेहरटा, 19623/19624 मदार-दरभंगा, 16601/16602 इरोड-जोगबनी, 19021/19022 उधना-ब्रह्मपुर, 15671/15672 कामाख्या-रोहतक, 20609/20610 न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली, 16597/16598 एसएमवीटी बेंगलुरु - अलीपुरद्वार, 11031/11032 पनवेल-अलीपुरद्वार, 16107/16108 ताम्बरम - संतरागाछी, 13065/13066 हावड़ा-आनंद विहार (टी), 22587/22588 सियालदह-बनारस, 20603/20604 न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल, 15949/15950 डिब्रूगढ़-गोमती नगर, 16121/16122 तांबरम-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, 16329/16330 नागरकोइल - मंगलुरु और 17041/17042 चरलापल्ली-तिरुवनंतपुरम उत्तर अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में विशेष रेल कनेक्टिविटी

उत्तर प्रदेश के स्टेशनों पर 15557/15558 दरभंगा-आनंद विहार (टी), 11015/11016 लोकमान्य तिलक (टी)-सहरसा जंक्शन, 15561/15562 दरभंगा-गोमती नगर, 15567/15568 बापूधाम मोतिहारी-आनंद विहार (टी), 22361/22362 राजेंद्र नगर (टी)-नई दिल्ली, 13435/13436 मालदा टाउन-गोमती नगर, 14047/14048 सीतामढी-दिल्ली, 13697/13698 गया-दिल्ली, 14627/14628 सहरसा-छेहरटा, 16601/16602 इरोड-जोगबनी, 15293/15294 मुजफ्फरपुर-चार्लापल्ली, 15133/15134 छपरा-आनंद विहार (टी), 19623/19624 मदार-दरभंगा, 11031/11032 पनवेल-अलीपुरद्वार, 15671/15672 कामाख्या-रोहतक, 15949/15950 डिब्रूगढ़-गोमतीनगर, 22587/22588 सियालदह-बनारस और 13065/13066 हावड़ा-आनंद विहार (टी) जैसी 18 ट्रेनें सेवाएं दे रही हैं। इसी प्रकार आंध्र प्रदेश में 13433/13435 एसएमवीटी बेंगलुरु-मालदा टाउन, 16601/16602 इरोड-जोगबनी, 19021/19022 उधना-ब्रह्मपुर, 16107/16108 तांबरम-संतरागाछी, 20603/20604 न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल, 20609/20610 न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली, 16597/16598 एसएमवीटी बेंगलुरु-अलीपुरद्वार और 17041/17042 हैदराबाद-तिरुवनंतपुरम उत्तर सेवाएं दे रही हैं।

कोच वितरण और यात्री क्षमता का विस्तार

भारतीय रेलवे ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक 860 सामान्य कोच स्थायी रूप से जोड़े हैं। निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों की यात्रा संबंधी मांगों को पूरा करने के लिए, भारतीय रेलवे ने 17,000 नॉन-एसी (सामान्य/स्लीपर) कोचों का निर्माण शुरू किया है। वर्तमान में रेलवे में लगभग 70% नॉन-एसी कोच हैं। आंकड़ों के अनुसार ~62,000 (70%) नॉन-एसी कोच और ~27,000 (30%) एसी कोचों के साथ कुल 89,000 कोचों का बेड़ा है। सीटों के वितरण में गैर-एसी सीटें ~54 लाख (78%) और एसी सीटें ~15 लाख (22%) हैं। सामान्य श्रेणी के यात्रियों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2022-23 में 553 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 651 करोड़ तक पहुंच गई है। रेलवे नेटवर्क राज्यों की सीमाओं के पार आवश्यकतानुसार संचालित होता है और नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत खंड की क्षमता, मार्ग की उपलब्धता, रोलिंग स्टॉक और यात्री यातायात जैसे कारकों पर निर्भर करती है।

त्योहारों पर विशेष प्रबंध और स्वच्छता मानक

अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच त्योहारों और छुट्टियों के लिए 70,300 विशेष ट्रेन यात्राएं संचालित की गईं। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ी है, जहां 2023-24 में यह ~40,500 थी। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की मौजूदा नीति के अनुसार 22 कोचों वाली ट्रेन में 12 जनरल और स्लीपर क्लास तथा 8 एसी कोच होते हैं। सभी ट्रेनों में बायो-टॉयलेट लगाए गए हैं, जिससे किफायती कीमत पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं और स्वच्छता सुनिश्चित होती है। कोचों के रखरखाव के लिए मशीनीकृत सफाई, ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ और स्टेशनों पर स्वच्छ रेलवे स्टेशन (सीटीएस) की व्यवस्था की गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि "भारतीय रेलवे समाज के सभी वर्गों की यात्रा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इसके लिए वह विभिन्न प्रकार के कोच उपलब्ध कराता है।" सफाई और सुरक्षा की निगरानी के लिए नियमित निरीक्षण और कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि आम आदमी की यात्रा सुखद बनी रहे।

Pratahkal Bureau

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