अमित शाह ने बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा सुरक्षा की समीक्षा की
गृह मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अवैध निर्माणों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने और 360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश दिए।

राजस्थान के बीकानेर में 26 मई 2026 को आयोजित उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान मंच पर उपस्थित केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (केन्द्र) और अन्य अधिकारी।
भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा को और अधिक अभेद्य बनाने के उद्देश्य से केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने राजस्थान के बीकानेर में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सीमा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों, घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, आतंकी फंडिंग, साइबर अपराध और अवैध निर्माणों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलोदी के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
बैठक में भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे प्रत्येक जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस सुरक्षा ग्रिड में सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों, राज्य सरकार के तंत्र और सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि सीमा प्रबंधन को और अधिक व्यापक, समन्वित और मजबूत बनाया जा सके।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमा क्षेत्र में होने वाले अवैध निर्माणों को जमींदोज किया जाए, ताकि सुरक्षा तंत्र में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक में सीमा सुरक्षा बल, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और राज्य सरकार की एजेंसियों के बीच संयुक्त रणनीति पर विशेष बल दिया गया। निर्देश दिए गए कि घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, अतिक्रमण, आतंकी वित्तपोषण और अन्य सीमा-पार अपराधों पर समन्वित कार्रवाई के माध्यम से प्रभावी शिकंजा कसा जाए।
अमित शाह ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेटों की जिम्मेदारियां बढ़ाते हुए सभी बैंकों में कानूनी और वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बड़े बिजनेस एस्टेब्लिशमेंट्स का सत्यापन, उनके फंडिंग स्रोतों की जांच, म्यूल अकाउंट्स और शेल कंपनियों की पहचान तथा फर्जी आधार कार्डों को ट्रैक करने पर जोर दिया गया। तस्करी और आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और जांच एजेंसियों को गहन निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
गृह मंत्री ने कहा कि जिलेवार अपराध, नशे की समस्या, उसके स्रोत, पैटर्न और नेटवर्क का गहराई से अध्ययन कर स्थायी समाधान विकसित किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियां दोबारा पनप न सकें। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए ‘1930’ कॉल सेंटर के प्रभावी उपयोग और तीन नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई। इसके तहत अंतिम छोर तक सुशासन पहुंचाने, आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण, बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने और सीमावर्ती आबादी को मजबूत समर्थन देने की रणनीति पर चर्चा हुई। सीमावर्ती गांवों में सभी सरकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही केन्द्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा को नई मजबूती देने पर जोर दिया गया।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
