आमेर महल का मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण, विकास कार्यों का लिया जायजा
मुख्य सचिव ने आमेर महल में 29.52 करोड़ रुपये के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए।

जयपुर के ऐतिहासिक आमेर महल में विकास एवं जीर्णोद्धार कार्यों के निरीक्षण के दौरान उपस्थित राजस्थान के मुख्य सचिव और प्रशासनिक अधिकारी।
जयपुर, 17 मई। राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पटल पर सुदृढ़ बनाने और पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक रूप देने के लिए राज्य सरकार अत्यंत गंभीर है। इसी क्रम में रविवार को मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक आमेर महल का विस्तृत भ्रमण एवं उच्च स्तरीय निरीक्षण किया। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक दौरे के अवसर पर उनके साथ पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा पुरातत्व विभाग की सचिव श्रीमती शुचि त्यागी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मुख्य सचिव ने सर्वप्रथम आमेर की आराध्य देवी शिला माता के दरबार में शीश नवाकर दर्शन किए, जिसके ठीक पश्चात् उन्होंने संपूर्ण आमेर महल परिसर की अद्वितीय स्थापत्य कला और व्यवस्थाओं का अत्यंत बारीकी से धरातलीय अवलोकन किया।इस उच्च स्तरीय समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने महल में आने वाले सैलानियों की रिकॉर्ड संख्या और उनके लिए उपलब्ध वर्तमान सुविधाओं की गहन पड़ताल की। आमेर भ्रमण करने वाले पर्यटकों की कुल वार्षिक संख्या लगभग 22 लाख 82 हजार रही है, जिसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग 2 लाख 70 हजार है, जबकि महल में प्रतिदिन का औसत फुटफॉल 6,270 पर्यटक दर्ज किया गया है। इतनी भारी संख्या को देखते हुए देश-विदेश के सैलानियों की सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने पर्यटकों को होने वाली व्यावहारिक समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां सकारात्मक प्रयास करते हुए पार्किंग व्यवस्था को पूर्णतः विकसित एवं व्यवस्थित करने, आमेर महल तक आने वाले प्रमुख रास्तों के सुदृढ़ीकरण तथा शौचालय जैसी मूलभूत जन-सुविधाओं को और अधिक आधुनिक एवं बेहतर बनाने के कड़े निर्देश प्रदान किए।धरोहरों के पुनरुद्धार की दिशा में मुख्य सचिव ने SASCI (केन्द्रीय परिवर्तित योजना) के अंतर्गत वर्तमान में चल रहे 25.5 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास व जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति का गहन जायजा लिया। इस योजना के तहत परियों के पास स्थित खाली जमीन पर पार्किंग विकास, प्राचीन आमेर महल के जीर्णोद्धार, खेड़ी गेट से पितलिया भवन वाली रोड़ के निर्माण तथा भारमल की छतरियाँ एवं अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण संरक्षण कार्य पूरी तरह से शामिल हैं। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के अंतर्गत 4.02 करोड़ रुपए की लागत से मानसिंह महल में चल रहे कार्यों का भी स्थल पर जाकर सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और अब तक की कार्य प्रगति व गुणवत्ता पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया।मानसिंह महल में चल रहे हेरिटेज संरक्षण कार्यों की बारीकियों को देखते हुए मुख्य सचिव ने संरक्षण प्रक्रिया के दौरान अपने मूल स्वरूप में वापस निकाले गए ऐतिहासिक कंगूरों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने मानसिंह महल स्थित छज्जे की टोड़ियों पर निर्मित प्राचीन व दुर्लभ भित्ति चित्रों के संरक्षण हेतु विस्तृत जानकारी प्राप्त की एवं आवश्यक वैज्ञानिक दिशा-निर्देश जारी किए। इसके अतिरिक्त, आमेर महल के प्रमुख एवं ऐतिहासिक स्थलों जैसे सिंहपोल, गणेशपोल और भोजनशाला आदि में स्थित भित्ति चित्रों के दीर्घकालिक व सुरक्षित संरक्षण के लिए इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (IGNCA) एवं आमेर विकास एवं प्रबन्धन प्राधिकरण (ADMA) के मध्य संपन्न हुए अनुबंध की सराहना करते हुए इसे धरोहर संरक्षण की दिशा में एक बेहतरीन कदम बताया।राज्य सरकार की बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत आमेर में स्थापित होने वाले अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय के लिए उपयुक्त स्थान के चयन की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को भूमि व स्थल चयन के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू हो सके। इसके साथ ही, पर्यटकों के आमेर भ्रमण के अनुभव को और अधिक समृद्ध व स्मरणीय बनाने के लिए मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया कि स्थानीय गाइडों को और अधिक उन्नत व विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि गाइडों द्वारा जयपुर आने वाले देश-विदेश के समस्त पर्यटकों को यहां के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति के संबंध में अत्यंत सटीक, प्रामाणिक एवं तथ्यपूर्ण जानकारी प्रदान की जा सके।इस ऐतिहासिक भ्रमण के दौरान वरिष्ठ पर्यटक गाइड महेश शर्मा द्वारा मुख्य सचिव को महल का भ्रमण करवाया गया, जिन्होंने आमेर महल के ऐतिहासिक महत्व और बेमिसाल स्थापत्य कला की अनूठी कड़ियों से उन्हें विस्तार से अवगत कराया। विश्व प्रसिद्ध शीशमहल के बेजोड़, अलौकिक और उत्कृष्ट काँच के स्थापत्य को देखकर मुख्य सचिव अत्यंत अभिभूत व चमत्कृत हो उठे। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि इस अनूठी वैश्विक विरासत के संरक्षण में अत्यधिक सावधानी बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इसके मूल ऐतिहासिक स्वरूप व प्राचीन वैभव को हर हाल में अक्षुण्ण बरकरार रखा जाए। इस अत्यंत महत्वपूर्ण एवं उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक पंकज धरेन्द्र, पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश शर्मा, आमेर महल के अधीक्षक राकेश छोलक तथा आमेर विकास एवं प्रबन्धन प्राधिकरण (ADMA) के कार्यकारी निदेशक (कार्य) सहित तकनीकी विशेषज्ञों की पूरी टीम मौके पर मुस्तैद रही।

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