25 हजार के इनामी आरोपी राहुल मीणा को पुलिस ने तकनीकी सहायता से पकड़ा। आरोपी को शरण देने वाला सहयोगी भी गिरफ्तार, जांच जारी।

जयपुर, 26 जून। अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले 25 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी को अलवर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपी को, बल्कि उसे शरण देने वाले उसके एक सहयोगी को भी दबोच लिया है। ज्ञात हुआ है कि दोनों आरोपी ओला कंपनी में कैब ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं।

घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि पीड़ित नाबालिग बालिका के पिता ने 24 जून को टहला थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ उनकी बेटी के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय डॉ. दीपक कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. प्रियंका के सुपरविजन में एक विशेष मेगा टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व वृताधिकारी राजगढ़ कुलदीप देशराज और वृताधिकारी ग्रामीण इंदु लोदी ने किया, जिसमें डीएसटी, साइक्लोन/तकनीकी सेल और स्थानीय थानों का जाब्ता शामिल रहा।

पुलिस की विभिन्न टीमों ने बिना रुके 24 घंटे सघन तलाशी अभियान चलाया और 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपी की लोकेशन का सटीक पता लगाया। इस दौरान तकनीकी सहायता और जमीनी खुफिया तंत्र के माध्यम से मुख्य आरोपी की पहचान राहुल कुमार मीणा (27), निवासी करनावर, थाना बसवा, जिला दौसा के रूप में हुई। डीएसटी कांस्टेबल मुरारीलाल मीणा द्वारा उपलब्ध कराई गई सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखकर भागने का प्रयास करते समय मुख्य आरोपी राहुल कुमार मीणा अनियंत्रित होकर गिर पड़ा, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए।

पुलिस ने आरोपी को शरण देने के आरोप में रिंकू मीणा (23), निवासी करनावर (दंड की पाल) को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को चोरी का होना स्वीकार किया है, जिसकी जांच जारी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी राहुल कुमार मीणा के विरुद्ध पहले से ही पॉक्सो, चोरी और एनडीपीएस एक्ट के तहत चार आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वहीं, सहयोगी आरोपी रिंकू मीणा के खिलाफ भी चोरी के चार मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस अन्य थानों से इनका आपराधिक इतिहास जुटा रही है।

इस सफल कार्रवाई में राजगढ़ थानाधिकारी राजेश कुमार मीणा, सदर थानाधिकारी विजेंद्र सिंह, टहला थाना प्रभारी मुकेश कुमार मीणा, कठूमर थानाधिकारी सुनील कुमार टॉक और साइक्लोन सेल प्रभारी संदीप कुमार व उनकी टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। विशेष रूप से डीएसटी के कांस्टेबल मुरारीलाल मीणा की सूचना इस केस के खुलासे में गेम-चेंजर साबित हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार कर आगामी कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है।

Pratahkal Newsroom

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