जयपुर, 1 सितंबर। अलवर के बूटोली गांव में 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 8 वर्षीय बालक भानू गुर्जर को एसडीआरएफ राजस्थान ने रात करीब 11 बजे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बालक पतंग उड़ाते समय बोरवेल में गिर गया था और करीब 42 फीट की गहराई में फंस गया था। एसडीआरएफ जवान चेतराम ने स्वनिर्मित देशी तकनीक ‘रोप लूप’ की मदद से बालक की कलाई में फंदा फंसाकर उसे बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

एसडीआरएफ के एडीजी रूपिन्दर सिंघ तथा कमाण्डेन्ट रेवन्त दान के निर्देशन में यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सोमवार 31 अगस्त को शाम करीब 6:30 बजे जिला अलवर पुलिस कंट्रोल रूम से बूटोली गांव के बोरवेल में बालक के गिरने की सूचना एसडीआरएफ कंट्रोल रूम जयपुर को मिली। कमाण्डेन्ट के निर्देश पर रिजर्व पुलिस लाइन अलवर में मानसून सत्र के दौरान तैनात सी कंपनी भरतपुर की रेस्क्यू टीम C-05 को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।



रेस्क्यू टीम प्रभारी हैड कांस्टेबल महेश कुमार के नेतृत्व में 9 जवान रामराज, बनै सिंह, नरेश कुमार, चेतराम, ओमप्रकाश, गिर्राज, जिन्सीराम और पंकज कुमार आपदा राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ रात करीब 8:30 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने स्थिति का जायजा लिया तो पता चला कि बालक करीब 42 फीट की गहराई में फंसा हुआ है और बातचीत कर रहा है। चिकित्सा विभाग की टीम पाइप के माध्यम से बोरवेल के अंदर बालक तक ऑक्सीजन पहुंचा रही थी।

स्थानीय प्रशासन ने बोरवेल से करीब 20 फीट की दूरी पर चार जेसीबी मशीनों से समानान्तर खुदाई का काम भी शुरू किया, ताकि जरूरत पड़ने पर सुरंग बनाकर बालक को बाहर निकाला जा सके।

रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले बोरवेल कैमरे की मदद से बालक की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी। रोप और बोतल की सहायता से बालक को खाने-पीने की सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। इसके बाद जवानों ने स्वनिर्मित रोप लूप तकनीक के जरिए बालक के हाथ को फंसाकर उसे बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए।

किसी भी परिस्थिति के लिए टीम ने प्लान-बी के रूप में समानान्तर खुदाई और सुरंग के जरिए रेस्क्यू की तैयारी भी जारी रखी। एसडीआरएफ कमाण्डेन्ट रेवन्त दान पूरे ऑपरेशन का सूक्ष्म सुपरविजन करते हुए टीम कमाण्डर को लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।

कई घंटों की अथक मेहनत के बाद रात करीब 11 बजे एसडीआरएफ जवान कांस्टेबल चेतराम नं. 914 ने रोप लूप का फंदा बनाकर बालक की कलाई में मजबूती से फंसा दिया। पकड़ मजबूत होने के बाद बालक को धीरे-धीरे ऊपर की ओर खींचा गया। कुछ ही समय में टीम ने 42 फीट की गहराई में फंसे 8 वर्षीय भानू गुर्जर पुत्र शिशराम गुर्जर, निवासी ग्राम बूटोली, थाना लक्ष्मणगढ़, जिला अलवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

मौके पर मौजूद चिकित्सा विभाग की टीम ने बालक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। इस तरह कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में एसडीआरएफ टीम ने रोप लूप तकनीक और लगातार निगरानी के जरिए बोरवेल में फंसे बालक को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।

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