अजमेर पुलिस की मानवीय मिसाल, साइबर पीड़ित को राहत से लेकर परिवार जोड़ने तक किए सराहनीय कार्य
अजमेर पुलिस ने साइबर पीड़ित को राहत, खोया बैग लौटाने, परिवार जोड़ने और महिला की चेन बचाने जैसे मानवीय कार्य किए।

तस्वीर में अजमेर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए जाते हुए देखा जा सकता है।
अपराध नियंत्रण के साथ जनसेवा और संवेदनशील पुलिसिंग में अजमेर पुलिस ने कई ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए हैं, जिनसे पीड़ितों को राहत मिली और पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत हुआ। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में राजस्थान पुलिस अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनसेवा, संवेदनशीलता और मानवीय पुलिसिंग को प्राथमिकता दे रही है।
अजमेर पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अग्रवाला के नेतृत्व में जिले में अलग-अलग मामलों में पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों ने तत्परता, ईमानदारी और मानवीय कार्यशैली का परिचय दिया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कार्मिकों को जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशंसा पत्र एवं प्रोत्साहन प्रदान किया गया।
कृष्णगंज थाना में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के एक प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस ने हरियाणा निवासी एक खाताधारक को राहत पहुंचाई। जांच में संबंधित खाते में साइबर ठगी की 3,600 रुपये की राशि मिलने के बाद खाता फ्रीज किया गया था। बाद में सामने आया कि खाताधारक स्वयं साइबर ठगी का शिकार है और उसकी माता कैंसर से पीड़ित हैं।
हेड कांस्टेबल रामदयाल ने स्थानीय पुलिस से सत्यापन करवाकर आवश्यक कार्रवाई पूरी कराई। प्रकरण से संबंधित राशि को सुरक्षित रखते हुए शेष राशि के उपयोग की अनुमति दिलाई गई, जिससे पीड़ित अपनी माता का उपचार और ऑपरेशन करा सका। खाताधारक ने ई-मेल के माध्यम से अजमेर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
रेलवे स्टेशन के बाहर ड्यूटी पर तैनात क्लॉक टावर थाना के हेड कांस्टेबल लाखन सिंह को एक लावारिस बैग मिला। जांच के दौरान बैग में 11,500 रुपये नकद, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। इन सामानों की कुल अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये थी।
राजकॉप सिटीजन पोर्टल की सहायता से बैग की स्वामिनी रेलवे कर्मचारी श्रीमती मीनाक्षी सिंह का पता लगाया गया और पूरा सामान सुरक्षित रूप से उन्हें लौटाया गया। इस सराहनीय कार्य के लिए हेड कांस्टेबल लाखन सिंह को प्रशंसा पत्र एवं 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
महिला थाना, अजमेर ने एक वैवाहिक विवाद में संवेदनशील पहल करते हुए पति-पत्नी के बीच आपसी मतभेद दूर कराए। थाना प्रभारी कल्पना राठौड़ एवं हेड कांस्टेबल रामसहाय की सकारात्मक काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों में सौहार्दपूर्ण राजीनामा हुआ और पति-पत्नी पुनः साथ रहने को सहमत हुए। दोनों परिवारों ने इस पहल की सराहना की।
आदर्श नगर-लोहाखान रूट पर संचालित टेम्पो में यात्रा के दौरान एक महिला के गले से सोने की चेन छीनने का प्रयास किया गया। उसी टेम्पो में मौजूद होमगार्ड जवान धुरेन्द्र सिंह ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए चेन स्नेचिंग का प्रयास कर रही दो महिलाओं को मौके पर ही पकड़ लिया।
सूचना मिलने पर पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया और उनके कब्जे से टूटी हुई सोने की चेन बरामद कर पीड़िता को वापस लौटाई। होमगार्ड जवान धुरेन्द्र सिंह को भी प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।
रूपनगढ़ थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में मिली एक महिला को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लिया। महिला की पहचान के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया, पुलिस नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किए। प्रयासों के बाद महिला की पहचान गीता कुमावत के रूप में हुई।
आवश्यक सत्यापन पूरा करने के बाद महिला को सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया गया। इस मानवीय कार्य के लिए सहायक उपनिरीक्षक बनवारीलाल विश्नोई, कांस्टेबल गीता एवं कांस्टेबल राकेश को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अग्रवाला ने कहा कि अपराधों की प्रभावी जांच के साथ-साथ आमजन के प्रति संवेदनशील, मानवीय एवं सेवा-भाव से कार्य करना अजमेर पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कार्मिकों को आगे भी इसी प्रकार प्रोत्साहित किया जाता रहेगा, ताकि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत हो सके।

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