अजमेर पुलिस की दो बड़ी कार्रवाई, 60वां बांग्लादेशी पकड़ा; 27 साल पुराना इनामी आरोपी गिरफ्तार
अजमेर पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान में 60वें व्यक्ति को पकड़ा। वहीं बांदरसिंदरी पुलिस ने 1999 से फरार 15 हजार के ईनामी आरोपी कुंदन सिंह को हल्द्वानी से गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू की।

तस्वीर में अजमेर पुलिस थाना परिसर और सुरक्षा का माहौल नजर आ रहा है।
अजमेर जिला पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के अभियान में स्पेशल टास्क फोर्स ने 60वें बांग्लादेशी नागरिक को दस्तयाब किया है। वहीं, बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने वर्ष 1999 से फरार चल रहे 15 हजार रुपये के ईनामी भगोड़े को उत्तराखंड के हल्द्वानी से गिरफ्तार किया है।
पुलिस मुख्यालय एवं महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज डॉ. रवि के निर्देशों के तहत अजमेर जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान और निष्कासन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ के निर्देशन और वृत्ताधिकारी हर्षित शर्मा के नेतृत्व में अजमेर पुलिस व सीआईडी जोन की गठित विशेष टीम ने 26वीं कार्रवाई को अंजाम दिया।
टीम ने मुखबिर की सूचना, तकनीकी साधनों और सघन चेकिंग के आधार पर दरगाह बाजार क्षेत्र से एक संदिग्ध को डिटेन किया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद रफिकुल इस्लाम उर्फ सुमन (27) पुत्र मोहम्मद फैजल मिया निवासी ग्राम हेराकंदी, थाना खलियाजुरी, जिला नेत्रोकोना, बांग्लादेश बताया।
पुलिस के अनुसार आरोपी बिनापोल बॉर्डर, पश्चिम बंगाल से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर कोलकाता से ट्रेन के जरिए अजमेर आया था और खानाबदोश के रूप में रह रहा था। अवैध रूप से सीमा पार करने की पुष्टि होने के बाद पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। इस विशेष अभियान के तहत अजमेर पुलिस अब तक कुल 60 अवैध बांग्लादेशियों को डिटेन कर चुकी है।
दूसरी कार्रवाई में अजमेर जिला पुलिस द्वारा पुराने लंबित प्रकरणों में वांछित और मफरूर आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने 27 वर्षों से फरार 15 हजार रुपये के ईनामी भगोड़े कुंदन सिंह उर्फ कुशल सिंह को गिरफ्तार किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. लालचंद कायल और वृत्ताधिकारी आयुष वशिष्ठ के निकट सुपरविजन में बांदरसिंदरी थानाधिकारी बन्ना लाल जाट के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सहायता से आरोपी को हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड से गिरफ्तार किया। आरोपी कुंदन सिंह जिला अल्मोड़ा/बागेश्वर, उत्तराखंड का निवासी है।
मामला 11 नवंबर 1999 का है। परिवादी मोहन सिंह, जो टैंकर चालक था, ने थाना बांदरसिंदरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह मथुरा से जामनगर के लिए टैंकर लेकर जा रहा था। बांदरसिंदरी स्थित एक होटल पर उसने अपने खलासी कुंदन सिंह को टैंकर सौंपा और निजी काम से घर चला गया। वापस लौटने पर कुंदन सिंह टैंकर का ‘हॉर्स’ यानी ट्रक का मुख्य भाग, वाहन के कागजात और परिवादी का आई-कार्ड चोरी कर फरार हो गया था।
इस संबंध में थाना बांदरसिंदरी में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद आरोपी लगातार पहचान बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अजमेर द्वारा उसे भगोड़ा घोषित कर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अब पुलिस ने उसे उत्तराखंड से गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दोनों कार्रवाइयों में अजमेर पुलिस ने एक ओर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के अभियान को आगे बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से फरार वांछित आरोपी की गिरफ्तारी कर पुराने लंबित प्रकरण में कार्रवाई आगे बढ़ाई है।

