जमीन और मवेशी विवाद में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का झूठा केस, मां पर 5 हजार जुर्माना
अजमेर पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज कराने वाली मां पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

अजमेर के विशिष्ट पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की झूठी शिकायत दर्ज कराने वाली महिला पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
अजमेर की विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज कराने वाली एक महिला को 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। भिनाय थाना क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण में न्यायालय ने माना कि शिकायतकर्ता ने भूमि विवाद के चलते पड़ोसी को बदनाम करने और उस पर दबाव बनाने के उद्देश्य से झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
प्रकरण के अनुसार महिला ने 26 सितंबर 2024 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी सात वर्षीय पुत्री खेत में रखवाली कर रही थी। इसी दौरान पड़ोसी उसे अपने खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया था कि बच्ची ने अगले दिन अपनी मां को घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान नाबालिग ने अपने बयानों में कथित घटना से इनकार कर दिया। उसने बताया कि दोनों परिवारों के बीच जमीन और पशुओं के चराने को लेकर विवाद चल रहा था। जांच में दुष्कर्म के आरोप असत्य पाए जाने पर पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट (एफआर) न्यायालय में पेश की, जिसे 8 जुलाई 2025 को स्वीकार कर लिया गया।
इसके बाद अनुसंधान अधिकारी ने शिकायतकर्ता के खिलाफ इस्तगासा प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इस्तगासे पर संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता ने निजी विवाद के चलते अपनी नाबालिग पुत्री को माध्यम बनाकर पड़ोसी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।
विशिष्ट पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश ने शिकायतकर्ता को ग्रामीण, अशिक्षित और वृद्ध महिला मानते हुए 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशांत यादव ने पैरवी की। इस तरह जांच में आरोप असत्य पाए जाने के बाद झूठी शिकायत दर्ज कराने के मामले में पॉक्सो अदालत ने कार्रवाई करते हुए अर्थदंड लगाया।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
