जयपुर, 19 फरवरी। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने गुरुवार को विधान सभा में कहा कि अजमेर शहर में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार गंभीर है। शून्य काल में विधायक श्री लक्ष्मण राम द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से रखे मामले पर जवाब देते हुए जल संसाधन मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया।

नदी प्रवाह क्षेत्र में सुधार और डीपीआर

मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि:

  • "लूनी नदी के प्रवाह क्षेत्र को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करके नदी के बहाव क्षेत्र में सुधार करने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।"
  • लूनी नदी का उद्गम अजमेर की नाग पहाड़ी से होता है। इस नदी के प्रवाह क्षेत्र को विस्तृत और सुदृढ़ कर इसकी निकासी को बेहतर किया जाएगा।
बांध का जीर्णोद्धार और जल भराव का समाधान

अजमेर के स्थानीय जलाशयों और जल भराव की समस्या पर मंत्री ने कहा कि:

  • अजमेर में फूलसागर क़ायड बाँध के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र का जीर्णोधार और सुचारू करने का कार्य किया जाएगा।
  • उन्होंने सदन को अवगत कराया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए डीपीआर बनायी जाएगी।
आना सागर झील और सीवेज ट्रीटेड पानी का सदुपयोग

झील के प्रबंधन को लेकर सरकार की योजना निम्न है:

"आना सागर झील के सीवेज ट्रीटेड पानी का आंकलन कर इस जल का अधिकतम सदुपयोग करने के प्रयास किए जाएँगे।"

उन्होंने कहा कि इस प्रयास से आनासागर झील में पानी का ओवरफ्लो नहीं होगा और शहर में जल भराव की स्थिति भी नहीं होगी।

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