सीकर: एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ शुरू किया जागरूकता अभियान
यूपीआई लेनदेन बढ़ने के बीच बैंक ने 5 लाख से अधिक बिज़नेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स के नेटवर्क और सख्त आंतरिक निगरानी के साथ सुरक्षा उपायों को किया मजबूत।

राजस्थान के सीकर में एयरटेल पेमेंट्स बैंक द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर के दौरान स्थानीय लोगों को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के तरीके सिखाते बैंक प्रतिनिधि। (फाइल फोटो)
डिजिटल बैंकिंग क्रांति के इस दौर में जहां एक तरफ करोड़ों लोगों तक वित्तीय सेवाएं सुलभ हुई हैं, वहीं साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल ने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। इस उभरते हुए खतरे के बीच, एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने राजस्थान के सीकर में जागरूकता, कार्रवाई और सामुदायिक पहुँच (कम्युनिटी आउटरीच) के समन्वय के साथ साइबर फ्रॉड के प्रति सतर्कता का एक व्यापक प्रसार किया है। बैंक ने इस पहल के जरिए ग्राहकों की सुरक्षा, जागरूकता और एक पूर्णतः सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग परिवेश प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत कर दिया है। वर्ष 2026 में भारत की डिजिटल बैंकिंग क्रांति ने लाखों लोगों को वित्तीय मुख्यधारा से जोड़ा है, लेकिन इसके समानांतर ही साइबर अपराधियों के लिए अपराध के नए रास्ते भी खुल गए हैं। धोखाधड़ी के तरीके लगातार विकसित और पेचीदा होते जा रहे हैं, जो विशेष रूप से पहली बार बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर रहे लोगों तथा ग्रामीण आबादी को अपना निशाना बना रहे हैं। ऐसी स्थिति में सक्रिय जागरूकता और जिम्मेदार बैंकिंग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, जिसे समझते हुए एयरटेल पेमेंट्स बैंक ग्राहक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करके डिजिटल बैंकिंग के वातावरण में उभरते हुए जोखिमों की रोकथाम को लगातार पुख्ता कर रहा है।
कंपनी ने अपने डिजिटल इंटरफेस से लेकर ऑन-ग्राउंड इंगेजमेंट तक, ग्राहकों से जुड़े हर टचपॉइंट में सुरक्षा और जागरूकता को अनिवार्य रूप से शामिल कर लिया है। बैंक सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि यूज़र्स को बेहद सरल और जानकारीवर्धक सामग्री के माध्यम से साइबर फ्रॉड की जटिल भाषा को पहचानने में मदद मिल सके। एयरटेल पेमेंट्स बैंक इस वास्तविकता से भली-भांति परिचित है कि उनके ग्राहक अपनी मातृभाषा में जानकारी पाना और उसे समझना अधिक पसंद करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बैंक ने क्षेत्रीय भाषा में संदेश देकर जागरूकता बढ़ाना शुरू किया है, ताकि धोखाधड़ी की रोकथाम का सटीक मार्गदर्शन यूज़र्स को उसी भाषा में प्राप्त हो सके जिसे वे सबसे अच्छी तरह समझते हैं। इन डिजिटल माध्यमों के अलावा, बैंक के फाईनेंशियल लिटरेसी कैंप (वित्तीय साक्षरता शिविर) सुरक्षा संबंधी जानकारी सीधे समुदायों के बीच पहुँचकर प्रदान कर रहे हैं तथा उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पहचानना सिखा रहे हैं। इन कैंप्स में यूज़र्स को बताया जाता है कि वे अपने व्यक्तिगत और फाईनेंशियल डेटा को सुरक्षित रखने के लिए क्या ठोस उपाय कर सकते हैं। यह केवल एक बार आयोजित होने वाला कोई कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर स्थिर रूप से निरंतर चलने वाला एक अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्थायी रूप से वित्तीय जागरूकता को बढ़ाना है।
इस महा-अभियान की महत्ता और बैंक की दूरदर्शिता को रेखांकित करते हुए एयरटेल पेमेंट्स बैंक के एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर - बिज़नेस ऑपरेशंस, गणेश अनंतनारायण ने कहा, "यूपीआई पर डिजिटल भुगतान का मासिक आंकड़ा 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने के साथ ही, हमारी जिम्मेदारी का दायरा भी बहुत बढ़ गया है। भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल एडॉप्शन के साथ हमारी यह परम जिम्मेदारी है कि यह अभूतपूर्व वृद्धि विश्वास, जागरूकता और जवाबदेही की मजबूत बुनियाद पर खड़ी हो। हम शिक्षा, एजेंट की क्षमता और सिस्टम-लेवल की सुरक्षा में लगातार भारी निवेश कर रहे हैं, क्योंकि हमारा दृढ़ मानना है कि ग्राहकों को शिक्षित बनाने की प्रक्रिया धोखाधड़ी की घटना घटित होने से काफी पहले ही शुरू हो जानी चाहिए। हम संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर पूरी मुस्तैदी से काम करते रहेंगे और फाइनेंशियल सिस्टम की अखंडता को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी गलत काम या तत्व के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।"
बैंक का यह लास्ट-माईल सेफ्टी फ्रेमवर्क (अंतिम छोर तक सुरक्षा ढांचा) इसके देशव्यापी पांच लाख से अधिक बिज़नेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स (बी.सी.) के विशाल नेटवर्क पर आधारित है। बैंक ने इन बीसी की ऑनबोर्डिंग के लिए एक अत्यंत मजबूत और पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित की है, जिसके साथ-साथ उन्हें नियमित रूप से धोखाधड़ी रोकथाम संबंधी नवीनतम जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे हर समय जागरूक व अपडेट रहें। यह निरंतर जुड़ाव उन्हें ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में सक्रिय रूप से मार्गदर्शन करने में पूरी तरह सक्षम बनाता है। इसके अतिरिक्त, बैंक अपनी इंटरनल मॉनिटरिंग और कंट्रोल मैकेनिज़्म (आंतरिक निगरानी और नियंत्रण प्रणाली) को लगातार सुदृढ़ बना रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पहचान करके पूरे ईकोसिस्टम की सुरक्षा की जा सके। बैंक अपने बिज़नेस कॉरेस्पॉन्डेंट एजेंट्स और फील्ड एजेंट्स की बेहद सख्त निगरानी करता है। यदि कहीं भी अनुपालन का उल्लंघन या खातों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ देखी जाती है, तो तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है। बैंक रेगुलेटरी अथॉरिटीज (नियामक प्राधिकरणों) के साथ मिलकर काम करता है और ऐसे मामलों में बेहद प्रभावशाली व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करता है। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रखते हुए सख्त कदम उठाए जाते हैं, ताकि ग्राहकों का अटूट विश्वास सुरक्षित रहे और बैंकिंग के एक पूर्णतः निरापद वातावरण का निर्माण हो। भारत में डिजिटल बैंकिंग की इस तीव्र वृद्धि ने जहां लाखों लोगों को वित्तीय उपलब्धता प्रदान कर सशक्त किया है, वहीं साइबर अपराधियों की चुनौतियों को भी बढ़ाया है, परंतु एयरटेल पेमेंट्स बैंक इस चुनौती को जड़ से हल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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