एआईबीईए का 30वां राष्ट्रीय अधिवेशन बेंगलुरु में, राजस्थान का दल शामिल
राजस्थान से 55 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सूरज भान सिंह आमेरा के नेतृत्व में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के 80वें स्थापना दिवस और महाधिवेशन में पहुंचा।

बेंगलुरु हवाई अड्डे पर राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज यूनियन का प्रतिनिधिमंडल, जो प्रांतीय उप महासचिव सूरज भान सिंह आमेरा के नेतृत्व में एआईबीईए के 30वें राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने पहुंचा है।
बेंगलुरु: देश में बैंक कर्मचारियों के हितों के लिए पिछले 80 वर्षों से निरंतर सक्रिय सबसे बड़े ट्रेड यूनियन संगठन, ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) का 30वां राष्ट्रीय अधिवेशन 19 से 22 अप्रैल तक कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भव्य स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण सांगठनिक आयोजन में भाग लेने के लिए एआईबीईए राष्ट्रीय जनरल काउंसिल के सदस्य एवं राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज यूनियन के प्रांतीय उप महासचिव, प्रमुख सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा के नेतृत्व में राजस्थान से 55 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज बेंगलुरु पहुँचा। आमेरा के साथ आर जी शर्मा, महेश शर्मा, टी सी झालानी, रामावतार शर्मा, एम एस भटेजा, राहुल पांडे, रविकांत शर्मा और रवि वर्मा जैसे बैंक नेताओं सहित प्रदेश के कमर्शियल, ग्रामीण, सहकारी और निजी बैंकों के पदाधिकारी इस अधिवेशन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
चार दिवसीय इस महाधिवेशन में कारगिल से कन्याकुमारी तक देश के सभी राज्यों के बैंकिंग सेक्टर के दिग्गजों का समागम होगा। आयोजन की अंतरराष्ट्रीय व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें पड़ोसी राष्ट्रों जैसे नेपाल, बांग्लादेश, मलेशिया, श्रीलंका सहित साइप्रस और क्यूबा के वित्तीय क्षेत्र के प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ 19 अप्रैल को 'परवाना प्रभातकार नगर', द रॉयल सीनेट हॉल, बेंगलुरु पैलेस ग्राउंड में ध्वजारोहण के साथ होगा। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर अधिवेशन का उद्घाटन करेंगी, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में साइप्रस से पधारे वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन के महासचिव पंबीस किरिप्सिस मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर देश के बैंकिंग, वित्तीय, जीवन बीमा, जनरल इंश्योरेंस और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय नेता अपने विचार साझा करेंगे।
20 अप्रैल का दिन संगठन के लिए ऐतिहासिक होगा क्योंकि (1946-2026) की विकास यात्रा के साथ एआईबीईए अपना 80वां स्थापना दिवस मनाएगा। इस उपलक्ष्य में “संविधान एवं लोकतंत्र-ट्रेड यूनियन के सामने चुनौतियां” विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया जाएगा, जिसे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स के सचिव साथी अश्वनी कुमार बख्शी संबोधित करेंगे। इसके पश्चात 21 और 22 अप्रैल को आयोजित होने वाले प्रतिनिधि सत्रों में सहकारी, ग्रामीण, व्यावसायिक और निजी बैंकों की वर्तमान दशा, दिशा और चुनौतियों पर गहन मंथन होगा। डेलीगेट्स निजीकरण, सहकारी बैंकों के मर्जर, कृषि ऋण, सरकार की आर्थिक नीतियों और बैंक कर्मियों की सेवा शर्तों व वेतन वृद्धि समझौते जैसे ज्वलंत मुद्दों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। अंत में, राष्ट्रीय महासचिव सी एच वेंकटचलम महासचिव प्रतिवेदन और विभिन्न प्रस्ताव पेश कर सांगठनिक निर्णय लेंगे, जो आने वाले समय में देश के बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक सुधार और भावी आंदोलनों की रणनीति तय करेंगे।

