आचार्य प्रसन्न सागर महाराज जयपुर पहुंचे, राज्यवर्धन राठौड़ ने किया स्वागत
दिगंबर जैन संत आचार्य प्रसन्न सागर के जयपुर आगमन पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने जैन दर्शन, संयम और अहिंसा के महत्व पर विचार साझा किए।

जयपुर में दिगंबर जैन संत आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज के आगमन पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते कर्नल राज्यवर्धन राठौड़।
दिनांक: 7.2.26
प्रमुख संदेश
- "संयम और अहिंसा ही है जीवन की सही दिशा।"
- "उपवास तन-मन दोनों को शुद्ध करता है, जैन दर्शन ने पूरी दुनिया को दिशा दिखाई है।"
आचार्य श्री का जयपुर आगमन
जयपुर। प्रसिद्ध दिगम्बर जैन संत हजारों उपवास एवं निराहार मौन साधना करने वाले साधना महोदधि अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज जयपुर पधारे।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का संबोधन
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि:
"यहां आकर मुझे एक ऐसी विचारधारा से जुड़ने का अवसर मिला है जो संयम भी सिखाती है और जीने की शैली भी। यह वो विचारधारा है जो मात्र एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे समाज, देश और पूरी दुनिया का मार्गदर्शन करती है।"
उन्होंने कहा कि महाराज सा का मौन अपने आप में बहुत बड़ा संदेश है लेकिन आज यहां आकर उनका संदेश सुनने का सौभाग्य बहुत बड़ा है।
जैन समाज की भूमिका और नैतिकता
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि:
- "पूरे देश-दुनिया को नैतिकता का संदेश देने वाले जैन समाज ने बहुत बड़ा दायित्व का भार अपने कंधों पर उठाया है, इसकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है।"
- उन्होंने कहा कि अहिंसा का आशय केवल किसी को चोट न पहुंचाना ही नहीं है बल्कि संयम और शुद्धता भी है।

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