दुलचास के सरकारी स्कूल में देशभक्ति का सैलाब: भामाशाहों ने डिजिटल शिक्षा के लिए खोला खजाना
बिसाऊ के दुलचास स्थित राजकीय विद्यालय में 77वाँ गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस गौरवशाली अवसर पर नन्हे विद्यार्थियों की परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। कार्यक्रम की खास बात रही भामाशाहों तेजपाल खोत, यादराम कस्वां और अन्य द्वारा कंप्यूटर व अन्य सामग्री का बड़ा दान। सरपंच शीशराम धायल ने स्कूल के विकास कार्यों का विवरण देते हुए इंटरलॉक सड़क के निर्माण का भरोसा दिलाया।

दुलचास (बिसाऊ)। बिसाऊ के नजदीकी गांव दुलचास में स्थित राजकीय विद्यालय में 77वाँ गणतंत्र दिवस केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि पूरे गांव के उत्साह और समर्पण का महापर्व बन गया। सुबह की पहली किरण के साथ जब तिरंगा आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा था, तब राष्ट्रगान की गूंज ने पूरे वातावरण में देशभक्ति का संचार कर दिया। इस गौरवशाली अवसर पर नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने जिस जोश और अनुशासन के साथ परेड की, उसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। नन्हीं कदमताल और गगनभेदी नारों ने यह अहसास करा दिया कि देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में छात्रों ने देशभक्ति गीतों, ओजपूर्ण कविताओं और लोक नृत्यों के माध्यम से भारत की विविध संस्कृति की जीवंत छटा बिखेरी, जिससे पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस समारोह की सबसे विशेष कड़ी ग्रामीणों और भामाशाहों का विद्यालय के प्रति अटूट लगाव रही। शिक्षा के मंदिर को आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस करने के लिए भामाशाहों ने दिल खोलकर दान दिया। डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए भामाशाह तेजपाल खोत और यादराम कस्वां ढाढर ने दो-दो कंप्यूटर भेंट किए, जबकि भंवरलाल गावडिय़ा ने एक कंप्यूटर प्रदान कर बच्चों के तकनीकी ज्ञान की राह प्रशस्त की। विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के क्रम में रामेश्वरलाल धांगड ने दरी, जयकरण बुरडक ने विद्यालय की भव्य सजावट हेतु लाइटिंग और चंदगीराम धांगड ने बिजली कटौती से निपटने के लिए इन्वर्टर भेंट किया। साथ ही, विजय सिंह ने शुद्ध पेयजल की सुविधा हेतु वाटर डिस्पेंसर और सरपंच शीशराम धायल ने आधुनिक कंप्यूटर लैब के लिए पांच कंप्यूटर चेयर प्रदान कर अपना योगदान सुनिश्चित किया।
सरपंच शीशराम धायल ने इस अवसर पर अपने पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि विद्यालय के कायाकल्प के लिए ओपन जिम, कुंड, पानी की टंकी, शौचालयों का निर्माण, टीन शेड और छत मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि विद्यालय में इंटरलॉक सड़क निर्माण का कार्य भी अत्यंत शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा, जिससे परिसर की सुंदरता और सुगमता और बढ़ जाएगी। कार्यक्रम के समापन पर संस्था प्रधान श्री संदीप चाहर ने सभी अतिथियों, दानदाताओं और ग्रामवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल गणतंत्र के उत्सव का प्रतीक बना, बल्कि जन-भागीदारी से शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की एक अनुकरणीय मिसाल के रूप में भी दर्ज हो गया।

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