पिंक सिटी में उमड़ा आस्था और उल्लास का सैलाब: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जलमहल की पाल पर पेंच लड़ाकर किया पतंग उत्सव का शंखनाद
जयपुर के जलमहल पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पतंग उड़ाकर प्रदेश स्तरीय पतंग उत्सव का शुभारंभ किया। 'ऑपरेशन सिंदूर' थीम पर आधारित प्रदर्शनी और सात संभागों में आयोजित इस महोत्सव ने राजस्थान की संस्कृति और पर्यटन को नई ऊंचाई दी। पढ़ें उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और अन्य दिग्गजों की मौजूदगी में कैसे मना मकर संक्रांति का यह भव्य उत्सव।

जयपुर। गुलाबी नगरी की फिजां में आज ‘वो काटा’ की गूंज और सतरंगी पतंगों की अठखेलियों ने एक नया इतिहास रच दिया। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जयपुर का ऐतिहासिक जलमहल उस समय जीवंत हो उठा, जब राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने पारंपरिक उत्साह के साथ पतंग उड़ाकर राज्य स्तरीय पतंग उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। नीले गगन में लहराती मुख्यमंत्री की पतंग न केवल प्रदेश की अटूट परंपराओं का प्रतिनिधित्व कर रही थी, बल्कि विकसित राजस्थान के संकल्पों को भी नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही थी। यह आयोजन केवल एक खेल नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, रचनात्मकता और सामाजिक चेतना का एक अनूठा समागम बन गया, जहां देशी-विदेशी पर्यटकों की भारी मौजूदगी ने उत्सव की आभा को वैश्विक पहचान दिलाई।
जलमहल की पाल पर आयोजित इस भव्य महोत्सव में मुख्यमंत्री ने न केवल डोर संभाली, बल्कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की विशेष थीम पर आधारित पतंग प्रदर्शनी का भी गहराई से अवलोकन किया। सामाजिक सरोकारों को जोड़ती इस प्रदर्शनी ने आगंतुकों को जागरूक करने के साथ-साथ कलात्मकता का भी परिचय दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोक-कलाकारों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और स्पष्ट किया कि प्रदेश की लोक कलाएं ही राजस्थान की असली शक्ति हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी निर्देशों का ही परिणाम है कि इस वर्ष यह उत्सव केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश के सभी सात संभाग मुख्यालयों सहित जैसलमेर और माउंट आबू की वादियों में भी पतंगों के जरिए हर्षोल्लास का संदेश फैलाया गया।
समारोह की गरिमा को बढ़ाते हुए उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और विधायक श्री बालमुकुंदाचार्य ने भी इस उत्सव में शिरकत की और प्रदेशवासियों के साथ खुशियां साझा कीं। पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान की बढ़ती साख को पुख्ता करते हुए इस आयोजन में पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री प्रवीण गुप्ता और पर्यटन आयुक्त श्रीमती रूकमणी रियाड़ सहित प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि ऐसे आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आपसी सद्भाव और समरसता को और अधिक मजबूती प्रदान करते हैं। यह पतंग उत्सव राजस्थान के उस गौरवशाली वैभव का जीवंत उदाहरण बन गया है, जो परंपरा और आधुनिकता के बीच एक सुंदर सेतु का काम करता है।

Pratahkal Bureau
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