जयपुर। गुलाबी नगरी के हृदय स्थल पर आज आस्था, परंपरा और सामाजिक जागरूकता का एक ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर राहगीर को ठिठकने पर मजबूर कर दिया। अवसर था बसंत पंचमी एवं 'खण्डेलवाल दिवस' का, जिसे अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति और श्री खण्डेलवाल वैश्य हितकारिणी सभा ने पूरे लाव-लश्कर के साथ एक उत्सव के रूप में मनाया। शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 की सुबह जब सूरज की किरणें आमेर की पहाड़ियों से उतरकर शहर की सड़कों पर फैलीं, तो जयपुर की फिजां 'माँ सरस्वती' और 'गंगा मैया' के जयकारों से गुंजायमान हो उठी।

श्री खण्डेलवाल वैश्य हितकारिणी सभा के अध्यक्ष राम किशोर खूटेटा के कुशल नेतृत्व में यह भव्य शोभायात्रा प्रातः 11:00 बजे स्टेशन रोड स्थित श्री खण्डेलवाल वैश्य जातीय गंगा मंदिर से रवाना हुई। पीताम्बरी वस्त्रों में सजे-धजे महिला-पुरुषों के जत्थे और सुमधुर बैंड बाजों की धुनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शोभायात्रा में समाज के आराध्य महापुरुषों, संत सुंदरदास जी एवं बलरामदास जी की नयनाभिराम झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन्हें देखने के लिए चांदपोल बाजार से लेकर त्रिपोलिया और रामगंज बाजार तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस भव्य आयोजन का समापन हीदा की मोरी स्थित श्री खण्डेलवाल वैश्य जातीय राममंदिर पर हुआ, जहाँ मां सरस्वती और गंगा मैया की महाआरती के साथ कार्यक्रम ने आध्यात्मिक ऊंचाइयों को छुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राधेश्याम जी खूटेटा और चन्द्रप्रकाश जी (टटार) ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में विनय कुमार जी गुप्ता (नाटाणी) एवं अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती विमला गुप्ता उपस्थित रहीं। शोभायात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें आधुनिक समय की सबसे बड़ी आवश्यकता—पर्यावरण और जल संरक्षण—का भी पुरजोर आह्वान किया गया। त्रिपोलिया बाजार में अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति के राष्ट्रीय महामंत्री एवं शोभायात्रा संयोजक गोविन्द नाटाणी के सानिध्य में भव्य स्वागत समारोह आयोजित हुआ, जहाँ पुष्प वर्षा के बीच प्रकृति बचाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर जल संरक्षण जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया और सैकड़ों की संख्या में तुलसी के पौधों का वितरण कर 'हरित जयपुर' का संदेश दिया गया।

अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनदयाल नाटाणी ने बताया कि इस पावन पर्व पर 'बसंत का हमारे जीवन में महत्व' विषय पर एक गंभीर विचार गोष्ठी का भी आयोजन हुआ, जिसमें समाज के प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लिया। स्वागत समारोह और शोभायात्रा में पूर्व महापौर श्रीमती ज्योति खण्डेलवाल, पूर्व अध्यक्ष ताराचन्द नाटाणी, पूर्व महामंत्री विनोद नाटाणी, संयुक्त मंत्री कपिल नाटाणी, प्रचार मंत्री नीरज नाटाणी और कार्यालय मंत्री पंकज नाटाणी सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित हुए। यह आयोजन न केवल खण्डेलवाल समाज की एकजुटता का प्रतीक बना, बल्कि इसने यह भी सिद्ध किया कि धार्मिक आयोजन सामाजिक सरोकारों और प्रकृति प्रेम के साथ मिलकर समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकते हैं।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story