जयपुर में ग्राम उत्थान शिविर से बदली किसान की तकदीर: दूलीचन्द के घर कृषि यंत्रों के साथ पहुंची खुशहाली
जयपुर के काजीपुरा में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर बना किसान दूलीचन्द के लिए वरदान। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार अधिकारियों ने त्वरित कार्यवाही कर स्वीकृत किए कृषि यंत्र, जिससे कुमावत परिवार के घर आई खुशहाली। जानिए कैसे प्रशासनिक तत्परता और ग्राम उत्थान शिविरों ने ग्रामीण राजस्थान की तस्वीर बदल दी है।

जयपुर। राजधानी के काजीपुरा में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का केंद्र बने, बल्कि एक साधारण किसान के जीवन में आशा की नई किरण लेकर आए। राज्य सरकार के विशेष निर्देशों पर आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसी कड़ी में काजीपुरा निवासी दूलीचन्द के घर उस समय खुशियों का ठिकाना नहीं रहा, जब उनके बरसों पुराने सपने को पंख लगे और उन्हें खेती को आधुनिक बनाने के लिए वांछित कृषि यंत्र की सौगात मिली।
काजीपुरा गिरदावर सर्किल में आयोजित इस शिविर की रूपरेखा अग्रिम दलों के माध्यम से पहले ही तैयार कर ली गई थी, जिसका लक्ष्य कृषि विभाग की समस्त कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना था। इसी क्रम में प्रार्थी दूलीचन्द पुत्र श्री रामचन्द्र कुमावत ने अपनी आर्थिक सीमाओं को देखते हुए आधुनिक कृषि यंत्र के लिए आवेदन किया था। शिविर के दौरान जब दूलीचन्द ने अपनी परिवेदना अधिकारियों के समक्ष रखी, तो प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यकुशलता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला।
माननीय उपखण्ड अधिकारी श्री ऋषिराज कपिल के पर्यवेक्षण में आयोजित इस शिविर में प्रभारी नायब तहसीलदार (सांभरलेक) श्री लक्ष्मीनारायण एवं सह-प्रभारी सहायक कृषि अधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझा। मौके पर मौजूद कृषि अधिकारी श्रीमती हंसा गुर्जर और कृषि पर्यवेक्षक श्रीमती रंजना चैधरी को तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। अधिकारियों की त्वरित सक्रियता का परिणाम यह रहा कि दूलीचन्द का आवेदन न केवल स्वीकृत हुआ, बल्कि उनके कृषि कार्यों को गति देने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया।
इस उपलब्धि पर भावुक होते हुए दूलीचन्द ने कहा कि इन यंत्रों की सहायता से अब न केवल श्रम की बचत होगी, बल्कि उनकी पैदावार में भी सुधार आएगा, जिससे उनके परिवार का भविष्य उज्ज्वल होगा। इस अवसर पर उपस्थित कृषक समुदाय ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों का आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने वाला कदम है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो सरकारी योजनाएं फाइलों से निकलकर किसान के आंगन तक पहुंचती हैं।

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