जयपुर के ऐतिहासिक जयगढ़ किले में सजेगी सांस्कृतिक विरासत की महफिल, जेएलएफ में हुई भव्य घोषणा
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2026 की आधिकारिक घोषणा की गई। सवाई पद्मनाभ सिंह, संजॉय के. रॉय और रितु झिंगोन की उपस्थिति में तय हुआ कि 11-13 दिसंबर 2026 को जयगढ़ किले में इतिहास, कला और संस्कृति का महासंगम होगा। यह लेख आयोजन के विज़न, ऐतिहासिक महत्व और जयपुर को ग्लोबल कल्चरल डेस्टिनेशन बनाने की पूरी जानकारी प्रदान करता है।

जयपुर। गुलाबी नगरी के गौरवशाली इतिहास और स्थापत्य कला के बेजोड़ प्रतीक जयगढ़ किले की प्राचीरें एक बार फिर जीवंत होने वाली हैं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के प्रतिष्ठित 'चारबाग' मंच से आज राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली एक बड़ी घोषणा की गई। महाराजा जय सिंह द्वारा निर्मित अभेद्य जयगढ़ किले के वैभव को समर्पित 'जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2026' का आयोजन आगामी 11 से 13 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। इस विशेष सत्र के दौरान न केवल तारीखों का ऐलान हुआ, बल्कि जयपुर को एक 'ग्लोबल कल्चरल डेस्टिनेशन' बनाने की दिशा में एक नया ब्लूप्रिंट भी पेश किया गया।
इस गरिमामयी अवसर पर सवाई पद्मनाभ सिंह ने जयगढ़ किले के दूरदर्शी दृष्टिकोण और इसकी स्थायी विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि लगभग एक हजार वर्ष के इतिहास को अपने भीतर समेटे हुए यह किला केवल पत्थरों की संरचना नहीं, बल्कि शक्ति और रणनीति का अनुपम उदाहरण है। महाराजा पद्मनाभ सिंह का लक्ष्य इस फेस्टिवल के माध्यम से जयगढ़ को एक ऐसे जीवंत सांस्कृतिक स्थान के रूप में पुनः स्थापित करना है, जहां वास्तुकला, इतिहास और कला का संगम हो सके।
टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के. रॉय ने इस उत्सव के सांस्कृतिक फलक की चर्चा करते हुए इसे विरासत, कला और संवाद का एक अनूठा मंच बताया। उन्होंने कहा कि जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल का उद्देश्य स्थानीय समुदाय को जोड़ते हुए दुनिया भर के पर्यटकों और कला प्रेमियों को जयपुर की ओर आकर्षित करना है। वहीं, वेदांता लिमिटेड की ओर से रितु झिंगोन (डायरेक्टर, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस और सीएसआर) ने इस आयोजन के साथ अपनी साझेदारी को राष्ट्र निर्माण और संस्कृति संरक्षण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेदांता के मूल्य इस महोत्सव के उद्देश्यों के साथ पूरी तरह मेल खाते हैं, जो भारत की समृद्ध विरासत को सहेजने का कार्य कर रहे हैं।
दिसंबर 2026 में होने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन केवल एक उत्सव मात्र नहीं होगा, बल्कि यह जयगढ़ किले की ऐतिहासिकता के साथ आधुनिक सांस्कृतिक अनुभवों का एक ऐसा सामंजस्य होगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल पेश करेगा। विरासत से जुड़े गंभीर संवाद और विश्व स्तरीय प्रस्तुतियों के साथ यह फेस्टिवल जयपुर की राजसी भव्यता को एक नए कलेवर में दुनिया के सामने पेश करने के लिए तैयार है।

Pratahkal Bureau
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