जयपुर। चिकित्सा सेवा की पहचान के लिए देशभर में विख्यात जयपुर को और ऊंचाइयों तक ले जाने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी के डॉक्टरों के कंधों पर है। राज्य सरकार के केबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने यह बात मंगलवार को जयपुर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में कही। उन्होंने मेडिकल डिग्री प्राप्त करने वाले युवा चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर बनना केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सौभाग्य है, जिसमें संवेदनशीलता, करुणा और निरंतर सीखने की भावना सबसे अहम है।

कर्नल राठौड़ ने कहा कि मेडिकल शिक्षा का यह पड़ाव केवल शुरुआत है। वर्षों की कठिन पढ़ाई, वार्ड, आईसीयू, हॉस्टल और कैंटीन तक के अनुभव ही एक डॉक्टर के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं। बदलते चिकित्सा परिदृश्य में रोज़ अपनी जानकारी को अपडेट करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चिकित्सा में दवाएं महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है मरीज के साथ व्यवहार, संवाद और भरोसा। सफेद कोट में डॉक्टर को देखकर समाज में जो सम्मान पैदा होता है, वह बड़ी जिम्मेदारी भी साथ लाता है।

अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कर्नल राठौड़ ने युवाओं को वर्तमान में जीने, लक्ष्य तय करने और एकाग्रता बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने खेल और सर्जरी का उदाहरण देते हुए कहा कि विजय का महत्व सबसे अधिक युद्ध और ऑपरेशन थिएटर में होता है। उन्होंने जयपुर के डॉक्टरों की सराहना की कि वे चिकित्सा के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रहते हैं, जो शहर की जीवंत पहचान को और मजबूत करता है।

इसी कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया। उद्योग एवं वाणिज्य तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने राजस्थान एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन (रेक्सको) के पूर्व सैनिक रोजगार परामर्श केंद्र का शुभारंभ किया। इस केंद्र का उद्देश्य पूर्व सैनिकों को केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में उपलब्ध नौकरियों, प्रशिक्षण और पुनर्नियोजन के अवसरों की जानकारी देना है।

कर्नल राठौड़ ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद भी पूर्व सैनिकों के पास अनुशासन, अनुभव और सेवा भावना की बड़ी पूंजी होती है, लेकिन जागरूकता के अभाव में कई पद खाली रह जाते हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए जयपुर में यह परामर्श केंद्र पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है, जिसे आगे झुंझुनूं, जोधपुर और अन्य जिलों में भी विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार रेक्सको के माध्यम से पूर्ण सहयोग देगी और सीएसआर के जरिए अतिरिक्त सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

अपने संबोधन के अंत में कर्नल राठौड़ ने कहा कि पूर्व सैनिकों के साथ उनका रिश्ता केवल औपचारिक नहीं, बल्कि आत्मीय है। फौजी के साथ फौजी खड़ा रहे, यही इस पहल की आत्मा है। कार्यक्रम में रेक्सको के गौरव सेनानियों और अधिकारियों ने मंत्री का आभार जताया। यह आयोजन न केवल चिकित्सा और सैनिक कल्याण के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला रहा, बल्कि जयपुर की सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारियों को भी मजबूती प्रदान करता दिखाई दिया।

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