जयपुर में महामंथन: 'रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म' के मंत्र से बदलेगी सरकार के जन-संवाद की तस्वीर
जयपुर में आयोजित 'रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म' कार्यशाला में मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास और केंद्रीय सचिव संजय जाजू ने सरकारी योजनाओं के प्रभावी संप्रेषण हेतु नई रणनीति साझा की। जानें कैसे सोशल मीडिया, एआई और सरल भाषा के माध्यम से राजस्थान सरकार अब आमजन तक अपनी नीतियों को भावनात्मक अपील के साथ पहुंचाएगी।

जयपुर। सरकारी योजनाओं की सफलता अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसे आमजन के दिलों तक पहुँचाने के लिए राजस्थान सरकार ने एक नई और आक्रामक संचार रणनीति का बिगुल फूंक दिया है। राजधानी जयपुर के सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित 'रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म' कार्यशाला में राज्य और केंद्र सरकार के दिग्गजों ने एक सुर में स्वीकार किया कि आधुनिक युग में सूचना का सही और प्रभावी संप्रेषण ही शासन की असली शक्ति है। मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्च स्तरीय कार्यशाला ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब सरकार जनता से केवल संवाद नहीं करेगी, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से अपनी योजनाओं को घर-घर पहुँचाएगी।
मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास ने अपने संबोधन में प्रशासनिक मशीनरी को आधुनिकता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि बदलते समय के साथ प्रचार-प्रसार के तौर-तरीकों में आमूलचूल परिवर्तन अनिवार्य है। उन्होंने परंपरागत माध्यमों से आगे बढ़कर सोशल मीडिया के नवीन टूल्स का उपयोग करने पर बल दिया ताकि नीतियों का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँच सके। श्री श्रीनिवास ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा हाल ही में किए गए नवाचारों, जैसे आर्मी डे परेड, रोजगार कैलेंडर और रोड सेफ्टी वीडियो की व्यापक सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे लाखों लोगों की भागीदारी ने इन कार्यक्रमों को एक जन-आंदोलन बना दिया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री संजय जाजू ने प्रभावी संप्रेषण के रहस्यों से पर्दा उठाते हुए कहा कि सरकारी सूचनाएं बोझिल होने के बजाय सरल, विश्वसनीय और भावनात्मक अपील से परिपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने 'जीएसटी बचत उत्सव', 'हर घर तिरंगा' और 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे सफल अभियानों का उदाहरण देते हुए समझाया कि जब भाषा सरल होती है, तो जनता स्वतः ही उससे जुड़ जाती है। श्री जाजू ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और 'फेक न्यूज' पर लगाम लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बेहतर उपयोग को समय की मांग बताया। उन्होंने जोर दिया कि कम शब्दों में सूचनात्मक इंफोग्राफिक्स आज के दौर का सबसे धारदार हथियार हैं।
इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान पत्र सूचना कार्यालय की महानिदेशक श्रीमती अनुपमा भटनागर ने 'इफेक्टिव गवर्नमेंट कम्युनिकेशन' पर एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा अपनाए जा रहे अत्याधुनिक नवाचारों को साझा किया गया। वहीं, प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल (एमएमडब्ल्यू एंड ईएमएमसी) श्री बी नारायणन ने 'प्लेटफॉर्म स्पेसिफिक कम्युनिकेशन' के माध्यम से विस्तार से समझाया कि कैसे अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए अलग-अलग तरह की रणनीति बनाकर सरकारी नीतियों की पहुँच को व्यापक बनाया जा सकता है।
कार्यशाला का इंटरएक्टिव सत्र विशेष रूप से जीवंत रहा, जहाँ अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख शासन सचिवों और संयुक्त शासन सचिवों ने अपने अनुभवों के आधार पर सूचना तंत्र को और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के सुझाव दिए। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के शासन सचिव श्री संदेश नायक ने आश्वस्त किया कि कार्यशाला में प्राप्त विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को विभाग एक ठोस कार्ययोजना में परिवर्तित करेगा। अंत में, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त श्री राकेश शर्मा ने विभाग द्वारा वर्तमान में किए जा रहे प्रयोगों और नवाचारों की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की। यह कार्यशाला न केवल शासन और जनता के बीच की दूरी कम करने की एक पहल है, बल्कि राजस्थान में पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन की दिशा में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर भी साबित होगी।

Pratahkal Bureau
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