जयपुर, 8 जनवरी। गुलाबी नगरी आज भारतीय सेना के अदम्य साहस और अत्याधुनिक सैन्य शक्ति की साक्षी बनी। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया। 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह प्रदर्शनी न केवल भारतीय सेना के शौर्य की एक झलक है, बल्कि आम नागरिकों के लिए अपने देश की रक्षा पंक्ति को करीब से समझने का एक ऐतिहासिक अवसर भी है। यह पहली बार है जब सेना दिवस के कार्यक्रम सैन्य छावनी की सीमाओं से बाहर निकलकर जनमानस के बीच जयपुर की सड़कों और मैदानों में आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए सेना के अत्याधुनिक हथियारों और युद्धक उपकरणों को बारीकी से देखा। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने भावुक स्वर में कहा कि भारतीय सेना हर देशवासी की ढाल, हर परिवार का अटूट भरोसा और राष्ट्र की आत्मा है। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर राजस्थान के तपते रेगिस्तान तक, हमारे जवान हर मोर्चे पर मुस्तैद हैं, ताकि देश का हर नागरिक सुरक्षित महसूस कर सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए इसे आतंकवाद के विरुद्ध भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में आज भारत का रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुका है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' की बढ़ती शक्ति को दर्शाता है।





प्रदर्शनी में भारतीय सेना की शक्ति का सजीव प्रदर्शन (Live Demonstration) किया गया, जिसने वहां मौजूद हजारों लोगों में राष्ट्रभक्ति का संचार कर दिया। इसमें टी-90 टैंक, बीएमपी-2 कॉम्बैट व्हीकल, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली, सेल्फ प्रोपल्ड गन्स और अत्याधुनिक ड्रोन जैमर सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। मैकेनाइज्ड फोर्सेज के हैरतअंगेज करतबों के साथ-साथ पैराग्लाइडिंग और स्काई डाइविंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान युद्ध की वीरांगनाओं का सम्मान कर प्रदेश की ओर से उनके त्याग के प्रति सम्मान प्रकट किया। राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के नॉन-पेंशनर पूर्व सैनिकों और विधवाओं की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया गया है, साथ ही पुलवामा हमले के शहीदों के आश्रितों को आवास और भूमि आवंटन जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किए गए हैं।

इस गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ स्कूली शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, नगरीय विकास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा, गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढम, और सैनिक कल्याण राज्य मंत्री श्री विजय सिंह उपस्थित रहे। प्रशासनिक और सैन्य नेतृत्व की ओर से मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, चीफ ऑफ स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल एच.एस. वांदरा और पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। यह प्रदर्शनी 12 जनवरी तक आमजन के लिए खुली रहेगी, जो न केवल युवाओं को सेना की ओर आकर्षित करेगी बल्कि नागरिकों और सैनिकों के बीच विश्वास के बंधन को और मजबूत करेगी।

Pratahkal Bureau

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