भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच जब शहर का पारा चरम पर था, तब जयपुर के चित्रकूट रोड स्थित टैगोर नगर में सेवा का एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने न केवल राहगीरों की प्यास बुझाई, बल्कि मानवता की मिसाल भी कायम की। निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर पचारिया परिवार द्वारा आयोजित एक विशेष सेवा कार्य ने तपती दोपहर में लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।

निर्जला एकादशी के दिन जल और शीतल वस्तुओं के दान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए पचारिया परिवार ने राहगीरों के लिए आइसक्रीम वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया। भागुराम पचारिया एवं रामचंद्र पचारिया ने सेवा के इस भाव को साझा करते हुए कहा कि निर्जला एकादशी पर लोक कल्याण के कार्य का विशेष महत्व है। भीषण गर्मी के इस दौर में ठंडी आइसक्रीम राहगीरों के लिए एक सुखद राहत बनकर आई, जिसे परिवार ने सच्ची सेवा का आधार माना।

इस सेवा कार्य की बागडोर परिवार के सदस्यों ने खुद संभाली। संजय पचारिया, बृजमोहन पचारिया, सूरज पचारिया, कपिल, यस, सुधीर, करण, अर्जुन, संजना, तन्वी और अक्षरा समेत परिवार के सभी सदस्यों ने सुबह से ही इस पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। कड़ी धूप की परवाह किए बिना परिवार के सदस्य लगातार सेवा में जुटे रहे।

इस आयोजन का लाभ ऑटो चालकों, दिहाड़ी मजदूरों, बच्चों और बुजुर्गों सहित उन सभी राहगीरों को मिला जो तपती दोपहर में सड़क से गुजर रहे थे। राहत भरी ठंडी आइसक्रीम पाकर लोगों ने न केवल पचारिया परिवार का आभार व्यक्त किया, बल्कि इस पहल को भीषण गर्मी में एक बड़ी राहत बताया। निस्वार्थ भाव से किया गया यह प्रयास न केवल एक धार्मिक परंपरा का निर्वहन था, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बन गया है। निर्जला एकादशी पर परिवार द्वारा किया गया यह सेवा कार्य त्याग और परोपकार की उस सनातन परंपरा को जीवंत करता है, जो समाज को एकता और करुणा के सूत्र में बांधती है।भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच जब शहर का पारा चरम पर था, तब जयपुर के चित्रकूट रोड स्थित टैगोर नगर में सेवा का एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने न केवल राहगीरों की प्यास बुझाई, बल्कि मानवता की मिसाल भी कायम की। निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर पचारिया परिवार द्वारा आयोजित एक विशेष सेवा कार्य ने तपती दोपहर में लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।

निर्जला एकादशी के दिन जल और शीतल वस्तुओं के दान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए पचारिया परिवार ने राहगीरों के लिए आइसक्रीम वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया। भागुराम पचारिया एवं रामचंद्र पचारिया ने सेवा के इस भाव को साझा करते हुए कहा कि निर्जला एकादशी पर लोक कल्याण के कार्य का विशेष महत्व है। भीषण गर्मी के इस दौर में ठंडी आइसक्रीम राहगीरों के लिए एक सुखद राहत बनकर आई, जिसे परिवार ने सच्ची सेवा का आधार माना।

इस सेवा कार्य की बागडोर परिवार के सदस्यों ने खुद संभाली। संजय पचारिया, बृजमोहन पचारिया, सूरज पचारिया, कपिल, यस, सुधीर, करण, अर्जुन, संजना, तन्वी और अक्षरा समेत परिवार के सभी सदस्यों ने सुबह से ही इस पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। कड़ी धूप की परवाह किए बिना परिवार के सदस्य लगातार सेवा में जुटे रहे।

इस आयोजन का लाभ ऑटो चालकों, दिहाड़ी मजदूरों, बच्चों और बुजुर्गों सहित उन सभी राहगीरों को मिला जो तपती दोपहर में सड़क से गुजर रहे थे। राहत भरी ठंडी आइसक्रीम पाकर लोगों ने न केवल पचारिया परिवार का आभार व्यक्त किया, बल्कि इस पहल को भीषण गर्मी में एक बड़ी राहत बताया। निस्वार्थ भाव से किया गया यह प्रयास न केवल एक धार्मिक परंपरा का निर्वहन था, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बन गया है। निर्जला एकादशी पर परिवार द्वारा किया गया यह सेवा कार्य त्याग और परोपकार की उस सनातन परंपरा को जीवंत करता है, जो समाज को एकता और करुणा के सूत्र में बांधती है।

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