अश्विनी वैष्णव ने 'विकसित भारत 2047' के लिए विनिर्माण और रेलवे का रोडमैप दिया
बजट 2026-27 के जरिए सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई सेवाओं और कर्नाटक में हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं पर केंद्रित रणनीतिक दृष्टिकोण।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बजट 2026-27 के तहत सेमीकंडक्टर मिशन और रेलवे विस्तार योजनाओं की जानकारी देते हुए।
केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रेलवे विस्तार पर जोर देते हुए 'विकसित भारत 2047' के लिए रोडमैप प्रस्तुत किया। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय बजट 2026-27 के रणनीतिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।
2047 के लिए विकसित राष्ट्र का विजन
मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि "यह बजट 2047 के लिए एक व्यापक रोडमैप है, जिसका उद्देश्य विनिर्माण, नवाचार और समावेशी विकास के तीन प्रमुख स्तंभों के माध्यम से भारत को एक विकसित राष्ट्र में परिवर्तित करना है।"
विनिर्माण और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
मंत्री जी ने विनिर्माण क्षेत्र, विशेष रूप से उच्च-तकनीकी उद्योगों को दिए जा रहे महत्वपूर्ण प्रोत्साहन पर जोर दिया। इस बजट में भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 जैसी प्रमुख घोषणाएं की गई हैं। वैश्विक चिप विनिर्माण में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण की रूपरेखा शीघ्र ही तैयार की जाएगी।
- इलेक्ट्रॉनिक घटकों के विनिर्माण के लिए आवंटित राशि ₹22,000 करोड़ से बढ़कर ₹40,000 करोड़ हो गई है।
- कर्नाटक इस निवेश का प्रमुख लाभार्थी बना हुआ है, जहां राज्य के घटक क्षेत्र में पहले से ही लगभग ₹10,000 करोड़ का निवेश हो चुका है।
- सरकार बायोफार्मा, उच्च-तकनीकी टूल रूम, शिपिंग के लिए कंटेनर निर्माण और दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुंबकों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।
एआई (AI) और आईटी क्षेत्र में बदलाव
मंत्री जी ने कहा कि "आईटी उद्योग पारंपरिक सॉफ्टवेयर मॉडल से एआई-आधारित सेवाओं की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहा है।" इसे बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- आईटी क्षेत्र के लिए कर संरचनाओं को सरल बनाया गया है।
- डेटा केंद्रों के लिए नियमों को सरल बनाया गया है।
- घरेलू और विदेशी निवेशकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया गया है।
कर्नाटक के लिए रिकॉर्ड रेलवे बजट और हाई-स्पीड रेल
कर्नाटक में रेलवे अवसंरचना में हो रहे महत्वपूर्ण बदलावों का विवरण देते हुए मंत्री जी ने बताया कि कर्नाटक के लिए रिकॉर्ड तोड़ ₹7,748 करोड़ का रेलवे बजट घोषित किया गया है, जो 2009-2014 की अवधि के दौरान आवंटित औसत राशि से 9 गुना अधिक है।
- विद्युतीकरण और सुरक्षा प्रमाणपत्रों के पूरा होने के बाद जल्द ही बेंगलुरु से मंगलुरु को जोड़ने वाली एक नई वंदे भारत सेवा शुरू हो जाएगी।
- बेंगलुरु से चेन्नई और बेंगलुरु से हैदराबाद के बीच दो प्रमुख हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है।
- बेंगलुरु-चेन्नई की यात्रा में मात्र 73 मिनट और बेंगलुरु-हैदराबाद की यात्रा में लगभग 2 घंटे लगने की उम्मीद है।
बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे और भविष्य के सुधार
बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे की प्रगति के बारे में बताते हुए मंत्री जी ने कहा कि नए तकनीकी नेतृत्व में और नवीन "प्री-कास्ट" निर्माण विधियों का उपयोग करते हुए चारों कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मंत्री जी ने अपने संबोधन का समापन इस बात पर जोर देते हुए किया कि "ये पहलें अल्पकालिक समाधानों के बजाय दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता देती हैं, जिससे भारत के आर्थिक भविष्य के लिए एक मजबूत आधार सुनिश्चित होता है।"

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