जयपुर। राजस्थान के झालावाड़ जिले के समग्र विकास और कृषि समृद्धि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के ध्येय के साथ मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्ष 2026-27 का बजट घोषणाओं का पिटारा खोल दिया गया है। राज्य सरकार ने जल संसाधन, आधुनिक सिंचाई तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण उत्थान को केंद्र में रखते हुए जिले के लिए अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की है। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत के अनुसार, इन दूरगामी घोषणाओं से न केवल जिले की जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अन्नदाताओं के जीवन स्तर में भी क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

इस बजट का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ 1622.74 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली छोटी कालीसिंध मध्यम सिंचाई परियोजना है। 54.88 एमसीयूएम की कुल भराव क्षमता वाली यह परियोजना डग विधानसभा क्षेत्र के 31 गांवों के लिए वरदान साबित होगी, जहां 9727 हेक्टेयर भूमि को फव्वारा पद्धति (स्प्रिंकलर सिस्टम) से सिंचित किया जाएगा। यह पहल भू-जल स्तर को सुधारने और पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इसी क्रम में, झालरापाटन तहसील की चंद्रभागा नदी के जीर्णोद्धार के द्वितीय चरण हेतु 7 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसके तहत नदी तट विकास, प्रदूषण नियंत्रण और पारिस्थितिकी पुनर्जीवन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ किया जाएगा।

धरोहर संरक्षण और जल संचयन को जोड़ते हुए किशनसागर तालाब के जीर्णोद्धार हेतु 5 करोड़ रुपये तथा पिड़ावा क्षेत्र के सूरजकुंड एनीकट के पुनर्निर्माण हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रायपुर तहसील के किसानों के लिए 16 करोड़ रुपये की विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसमें चंवली बांध की बायीं और दायीं मुख्य नहरों सहित रायपुर एवं सुवांस डिस्ट्रीब्यूटरी से निकलने वाली कालीतलाई, रघुनाथपुरा, असोन्दिया, नन्दपुरा, सुवांस द्वितीय, बोरबन्द, कल्याणपुरा और फतेहगढ़ खिजरपुर प्रथम व द्वितीय जैसी महत्वपूर्ण माइनर्स की आरडी 0 से टेल तक मरम्मत की जाएगी। इससे अंतिम छोर के खेतों तक पानी की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित होगी।

सोंधवाड़ क्षेत्र के लिए सरकार ने 1.50 करोड़ रुपये की लागत से 16 माइक्रो इरिगेशन टैंक और एक लिंक चैनल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्णय लिया है, जिससे पिड़ावा की 5 ग्राम पंचायतों में वर्षा पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, मोरी और सोयला कृत्रिम जलाशयों के माध्यम से हजारों हेक्टेयर भूमि को दबावयुक्त सिंचाई से जोड़ने की योजना है। मोरी जलाशय की क्षमता विस्तार हेतु 2 करोड़ रुपये की लागत से डीपीआर तैयार होगी, जिससे बकानी क्षेत्र के 33 गांवों की 6900 हेक्टेयर भूमि लाभान्वित होगी।

सबसे उल्लेखनीय घोषणा 500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना (राम जल सेतु परियोजना) है। इसके अंतर्गत कालीसिंध बांध के अपस्ट्रीम से वर्षाकाल के अतिरिक्त जल को पंप कर सोयला कृत्रिम जलाशय भरा जाएगा, जिससे झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र के 36 गांवों की 9600 हेक्टेयर भूमि को रबी सीजन में सिंचाई हेतु पानी मिल सकेगा। 'स्वच्छ नदियां, पुनर्जीवित जलाशय, समृद्ध समुदाय' के संकल्प के साथ क्रियान्वित होने वाली ये योजनाएं झालावाड़ में रोजगार सृजन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करने का सामर्थ्य रखती हैं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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