जयपुर, 29 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में जयपुर जिले के प्रत्येक गिरदावर सर्किल में ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध करवाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी जयपुर जिले में आयोजित हो रहे ग्राम उत्थान शिविरों की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

जिला कलक्टर की समीक्षा बैठक और सख्त निर्देश

इसी क्रम में गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राम उत्थान शिविरों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए:

"शिविरों में अधिक से अधिक आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का तत्काल लाभ प्रदान किया जाए।"

जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निस्तारण करते हुए पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही स्वीकृतियां जारी की जाएं, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहें तथा योजनाओं की स्पष्ट, सरल और व्यवहारिक जानकारी आमजन को उपलब्ध कराएं। साथ ही शिविरों के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।

12 विभागों की योजनाओं का एक ही छत के नीचे लाभ

ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से कृषि, पशुपालन, उद्योग, ऊर्जा, जल संसाधन, सहकारिता, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास सहित कुल 12 विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन को दी जा रही है तथा विभिन्न योजनाओं में पात्रता अनुसार स्वीकृतियां मौके पर ही जारी की जा रही हैं।

अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री मुकेश कुमार मूंड ने कहा:

"ग्राम उत्थान शिविर राज्य सरकार की फ्लैगशिप पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जिला प्रशासन मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गांव-गांव तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और ग्राम उत्थान शिविर इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं।"

समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री आशीष कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान शिविरों की प्रगति की विभागवार समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।

आगामी शिविरों का कार्यक्रम (स्थान और दिनांक)

31 जनवरी को आयोजित होने वाले शिविर:

  • सांगानेर के कलवाड़ा, आमेर के बिलौची, रामपुरा डाबड़ी के सेवापुरा।
  • बस्सी के देवगांव टहटडा, चाकसू के शिवदासपुरा एवं ठिकरिया गुजरान।
  • माधोराजपुरा के चित्तौड़ा, चौमूं के सिंगोदखुद, शाहपुरा में मनोहरपुर।
  • सांभरलेक के सिनोदिया, जमवारामगढ़ के भानपुरा कलां एवं नीमला।
  • किशनगढ़ रेनवाल के बाघावास, दूदू के मरवा, मौजमाबाद के धमाणा।
  • फागी के चौरू एवं जोबनेर के हिंगोनिया में आयोजन होगा।

1 फरवरी को आयोजित होने वाले शिविर:

  • सांगानेर के बगरू, रामपुरा डाबड़ी के जालसू, बस्सी के बांसखोह।
  • चाकसू के छांदेलकलां देहलाला, चौमूं के सामोद एवं नांगल भरड़ा।
  • शाहपुरा में खोरालाडखानी, सांभरलेक के हिरनोदा, जमवारामगढ़ के ताला एवं धूलारावजी।
  • किशनगढ़ रेनवाल के बधाल, दूदू के रहलाना, मौजमाबाद के बोराज।
  • फागी के नगरपालिका परिसर फागी एवं जोबनेर के करणसर में आयोजन होगा।

विभागवार मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं एवं स्वीकृतियां

शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सहित संबंधित विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। शिविरों के माध्यम से कृषकों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही स्वीकृतियां जारी की जा रही है।

  • कृषि एवं उद्यानिकी विभाग: तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, फार्म पॉण्ड, फव्वारा एवं ड्रिप, प्लास्टिक मल्च, सौर पंप संयंत्र की स्वीकृतियां, बैलों से खेती करने पर 30 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि, फसल बीमा एवं एमएसपी की जानकारी, आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, सोलर पंप एवं पॉलीहाउस के आवेदन तैयार करना, बीज एवं मिनी किट वितरण का सत्यापन।
  • कृषि विपणन एवं सहकारिता: पीएमएफएमई आवेदन, मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना निस्तारण, किसान विश्राम स्थल प्रस्ताव, मुख्यमंत्री किसान निधि डीबीटी, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदन, एनसीओएल एवं एनसीईएल सदस्यता, नवीन गोदाम निर्माण, सहकारी बैंक खाते, स्वयं सहायता समूहों के ऋण, 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना एवं कस्टम हायरिंग सेंटर।
  • पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग: मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना पंजीकरण, पशु स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु आहार एवं खनिज मिश्रण वितरण, गौशाला विकास योजनाएं, पीडीसीएस/डीसीएस पंजीयन, नवीन सदस्यता, सरस बूथ एवं मार्ट आवंटन, सहकारी ऋण, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना प्रचार एवं फार्म पॉण्ड मछली पालन।
  • ग्रामीण विकास एवं अन्य विभाग: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गृह प्रवेश एवं चाबी सुपुर्दगी, वीबी-ग्राम-जी अभियान, दीनदयाल उपाध्याय योजना सर्वे, एसडीआरएफ शेष अनुदान डीबीटी, युवा स्वरोजगार योजना आवेदन, डब्ल्यूयूए को सक्रिय करना, वंदे गंगा संरक्षण अभियान, नहरों की मरम्मत चिन्हीकरण एवं ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत पंजीकरण किए जा रहे हैं।
Pratahkal Newsroom

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