हर वर्ष वसंत विषुव (Vernal Equinox) से पहले आने वाले शुक्रवार को दुनिया भर में विश्व नींद दिवस मनाया जाता है। यह आयोजन वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी (पूर्व में वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ़ स्लीप मेडिसिन, WASM) के विश्व नींद दिवस समिति द्वारा 2008 से आयोजित किया जा रहा है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य केवल नींद के लाभों को मनाना ही नहीं है, बल्कि समाज में नींद से संबंधित समस्याओं और उनके चिकित्सकीय, शैक्षिक एवं सामाजिक पहलुओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। साथ ही, नींद विकारों की रोकथाम और उनका प्रबंधन सुनिश्चित करने के तरीकों पर जोर दिया जाता है।


नींद की कमी का आर्थिक और सामाजिक बोझ:

नींद की कमी केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी भारी प्रभाव डालती है। 2019 के अनुमान के अनुसार:

  • अमेरिका को नींद की कमी की वजह से लगभग $400 बिलियन का आर्थिक नुकसान हुआ।
  • जापान को लगभग $138 बिलियन,
  • जर्मनी को $60 बिलियन,
  • यूनाइटेड किंगडम को $50 बिलियन, और
  • कनाडा को $21 बिलियन का नुकसान उठाना पड़ा।

हालांकि, नींद दिवस पर आलोचना भी हुई है। 2019 में द गार्डियन में प्रकाशित एक लेख में कहा गया कि यह दिवस कभी-कभी नींद को एक "वस्तु" के रूप में पेश करने का माध्यम बन जाता है और लोगों पर यह दबाव डालता है कि उन्हें एक अखंड नींद का लक्ष्य हासिल करना चाहिए। इतिहासकारों के अनुसार, यह विचार केवल हाल के दशकों में विकसित हुआ है।


वार्षिक आयोजन और कार्यक्रम:

विश्व नींद दिवस हर वर्ष मार्च विषुव से पहले शुक्रवार को मनाया जाता है। पहला विश्व नींद दिवस 14 मार्च 2008 को आयोजित हुआ था। इस अवसर पर दुनियाभर में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • शैक्षिक प्रस्तुतियाँ और चर्चाएँ
  • अध्ययन और शोध पर आधारित सामग्री का प्रदर्शन
  • ऑनलाइन और ऑफ़लाइन कार्यशालाएँ एवं प्रदर्शनियाँ

ये कार्यक्रम केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नींद की गुणवत्ता में सुधार के व्यावहारिक उपायों, अनुसंधान और स्वास्थ्य नीतियों पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं।


विश्व नींद दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर नींद के महत्व और नींद विकारों के सामाजिक, आर्थिक और चिकित्सकीय प्रभावों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर है। सही और पर्याप्त नींद, न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह व्यक्तिगत उत्पादकता और राष्ट्र की समग्र आर्थिक स्थिति में भी योगदान देती है। इस दिवस के माध्यम से समाज में नींद के प्रति जागरूकता और उसका महत्व बढ़ाने की कोशिश जारी रहती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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