क्यों खास है विश्व रेड क्रॉस दिवस? जानिए कैसे शुरू हुआ था मानवता का सबसे बड़ा आंदोलन
विश्व रेड क्रॉस एवं रेड क्रेसेंट दिवस 2026 मानवता, सेवा और वैश्विक सहयोग का प्रतीक है। हेनरी ड्यूनांट की जयंती पर मनाया जाने वाला यह दिन रेड क्रॉस आंदोलन के इतिहास, उद्देश्य और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कार्यों की अहम भूमिका को उजागर करता है।

विश्व रेड क्रॉस एवं रेड क्रेसेंट दिवस
हर वर्ष 8 मई को दुनिया एक ऐसे आंदोलन को याद करती है जिसने युद्ध और आपदा के बीच मानवता की सबसे मजबूत आवाज बनकर उभरने का काम किया। विश्व रेड क्रॉस एवं रेड क्रेसेंट दिवस केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि उन लाखों स्वयंसेवकों और कर्मियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है जो बिना किसी भेदभाव के मानव जीवन की रक्षा में जुटे हैं। यह तिथि हेनरी ड्यूनांट की जयंती से जुड़ी है, जिनका जन्म 8 मई 1828 को जिनेवा में हुआ था और जिन्होंने मानवता की सेवा के इस वैश्विक आंदोलन की नींव रखी।
वर्ष 2026 में यह दिवस “Keeping Humanity Alive” जैसे सशक्त संदेश के साथ मनाया जा रहा है, जो दुनिया भर में चल रहे संघर्षों, आपदाओं और मानवीय संकटों के बीच संवेदनशीलता और सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करता है। International Red Cross and Red Crescent Movement आज लगभग 1.6 करोड़ स्वयंसेवकों, सदस्यों और कर्मचारियों के साथ दुनिया के सबसे बड़े मानवीय नेटवर्क के रूप में कार्यरत है। इसका उद्देश्य मानव जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करना, सभी व्यक्तियों के सम्मान को सुनिश्चित करना और पीड़ा को कम करना है।
इस दिवस का ऐतिहासिक संदर्भ प्रथम विश्व युद्ध के बाद उभरे उस विचार से जुड़ा है, जिसमें वैश्विक शांति के लिए एक वार्षिक पहल की आवश्यकता महसूस की गई थी। 1934 में टोक्यो में आयोजित 15वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1946 में इसे पुनः विचार के लिए प्रस्तुत किया गया। अंततः 1948 में पहली बार 8 मई को अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस दिवस मनाया गया। समय के साथ इसका नाम बदलकर 1984 में “विश्व रेड क्रॉस और रेड क्रेसेंट दिवस” कर दिया गया।
International Committee of the Red Cross, जो इस आंदोलन का प्रमुख अंग है, एक निष्पक्ष, तटस्थ और स्वतंत्र संस्था के रूप में कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय और आंतरिक सशस्त्र संघर्षों के पीड़ितों के जीवन और गरिमा की रक्षा करना है। 2022 के संशोधित सेविल समझौते के अनुसार, ICRC को राष्ट्रीय रेड क्रॉस या रेड क्रेसेंट सोसाइटी के साथ सह-समन्वयक की भूमिका सौंपी गई है, विशेषकर संघर्ष और आंतरिक अशांति की स्थितियों में।
ICRC की जिम्मेदारियां Geneva Conventions और उसके अपने नियमों से निर्धारित होती हैं। इसमें युद्धरत पक्षों द्वारा नियमों के पालन की निगरानी, घायलों की देखभाल, युद्ध बंदियों के साथ व्यवहार की निगरानी, लापता व्यक्तियों की खोज, नागरिकों की सुरक्षा और संघर्षरत पक्षों के बीच मध्यस्थता शामिल है। विश्व रेड क्रॉस एवं रेड क्रेसेंट दिवस केवल अतीत की विरासत का उत्सव नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए एक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह दिवस दुनिया को याद दिलाता है कि जब संकट की घड़ी आती है, तो मानवता ही सबसे बड़ा धर्म बन जाती है और यही वह मूल भावना है जो इस आंदोलन को आज भी जीवित रखे हुए है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
