1970 से शुरू हुआ यह आंदोलन अब बन चुका है महा-अभियान ; जानें कैसे शुरू हुआ था World Earth Day
विश्व पृथ्वी दिवस 2026 अपने 56वें वर्ष में “Our Power, Our Planet” थीम के साथ मनाया जा रहा है। 1970 से शुरू हुआ यह वैश्विक आंदोलन आज 193 देशों में फैल चुका है, जो पर्यावरण संरक्षण, जलवायु बदलाव और मानव जिम्मेदारी पर केंद्रित है।

विश्व पृथ्वी दिवस 2026
हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व पृथ्वी दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक चेतना का प्रतीक बन चुका है। वर्ष 2026 में यह दिन अपने 56वें संस्करण के साथ मनाया जाएगा, जो मानवता और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की एक सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस वर्ष की थीम “Our Power, Our Planet” न केवल एक नारा है, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी है, जो हर व्यक्ति को इस ग्रह की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान करता है।
इस वैश्विक आंदोलन की शुरुआत 1970 में हुई थी, जब पहली बार 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया गया। हालांकि इसकी अवधारणा 1969 में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सामने आई थी, जब शांति कार्यकर्ता जॉन मैककॉनेल ने पृथ्वी और शांति के सम्मान में एक विशेष दिन मनाने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने इसे एक राष्ट्रीय पर्यावरणीय जागरूकता अभियान के रूप में विकसित किया और 1970 में एक बड़े “टीच-इन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान को संगठित करने की जिम्मेदारी युवा कार्यकर्ता डेनिस हेस को सौंपी गई, जिन्होंने इसे एक व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया।
पृथ्वी दिवस के नामकरण में विज्ञापन विशेषज्ञ जूलियन कोएनिग की अहम भूमिका रही, जिनकी रचनात्मक सोच ने इस दिन को एक पहचान दी। पहले पृथ्वी दिवस में लगभग 2 करोड़ अमेरिकी नागरिकों ने हिस्सा लिया, जिसने पर्यावरण संरक्षण को एक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बना दिया। इस आयोजन में यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स जैसे संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने आर्थिक और लॉजिस्टिक समर्थन प्रदान किया।
1969 का सांता बारबरा तेल रिसाव इस आंदोलन के पीछे एक महत्वपूर्ण प्रेरणा बना। इस आपदा में लाखों गैलन तेल समुद्र में फैल गया, जिससे हजारों समुद्री जीवों की मौत हो गई। इस घटना ने न केवल पर्यावरणीय कानूनों की आवश्यकता को उजागर किया, बल्कि आम लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया। इसके परिणामस्वरूप 1970 में “एनवायरनमेंटल राइट्स डे” मनाया गया और पर्यावरणीय अधिकारों की घोषणा की गई।
समय के साथ यह आंदोलन वैश्विक स्तर पर फैलता गया। 1990 में इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप मिला और 141 देशों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। 2016 में इसी दिन पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जो वैश्विक पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। 2020 में पृथ्वी दिवस की 50वीं वर्षगांठ पर 100 मिलियन से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा नागरिक आयोजन बन गया।
आज पृथ्वी दिवस 193 से अधिक देशों में मनाया जाता है और हर साल एक अरब से अधिक लोग इसमें भाग लेते हैं। यह दिन केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नीति निर्माण, सामाजिक बदलाव और व्यक्तिगत जिम्मेदारी की दिशा में एक ठोस कदम है। 2026 का पृथ्वी दिवस इस बात की याद दिलाता है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों या वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति का कर्तव्य है जो इस धरती पर जीवन जीता है। यह दिन हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हम किस तरह का ग्रह छोड़कर जाएंगे।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
