क्यों उत्तर कोरिया ने जापान पर दागीं इतनी मिसाइलें? तीसरे विश्व युद्ध की आशंका में जानें क्या है किम जोंग का अगला निशाना
14 मार्च 2026 को उत्तर कोरिया ने जापान सागर की ओर लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर पूर्वी एशिया में तनाव बढ़ा दिया। ये मिसाइलें प्योंगयांग के पास सुनान क्षेत्र से लॉन्च हुईं और 340–350 किमी की दूरी तय कर समुद्र में गिरीं।

उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षण 2026
पूर्वी एशिया में एक बार फिर सैन्य तनाव तेज हो गया है। शनिवार, 14 मार्च 2026 को उत्तर कोरिया ने अचानक लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर पूरे क्षेत्र को सतर्क कर दिया। ये मिसाइलें Sea of Japan (जिसे पूर्वी सागर भी कहा जाता है) की दिशा में छोड़ी गईं। इस कदम ने न केवल पड़ोसी देशों को अलर्ट पर ला दिया, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और उत्तर कोरिया के बढ़ते मिसाइल कार्यक्रम को लेकर वैश्विक स्तर पर नई चिंता भी पैदा कर दी है।
अचानक मिसाइल लॉन्च से बढ़ा तनाव:
दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, मिसाइलें दोपहर करीब 1:20 बजे स्थानीय समय पर राजधानी प्योंगयांग के पास स्थित सुनन क्षेत्र से दागी गईं। प्रारंभिक सैन्य आकलन के मुताबिक ये मिसाइलें लगभग 340 से 350 किलोमीटर तक उड़ान भरने के बाद समुद्र में जाकर गिरीं। राहत की बात यह रही कि इनमें से कोई भी मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में नहीं गिरी और किसी प्रकार के नुकसान या हताहत की खबर सामने नहीं आई। हालांकि इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को उच्च सतर्कता पर ला दिया।
अमेरिका–दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास बना मुख्य कारण:
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल परीक्षण उस समय किया गया जब United States और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास कर रहे थे। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों का विरोध करता रहा है। प्योंगयांग की सरकार का आरोप है कि ऐसे सैन्य अभ्यास वास्तव में “आक्रमण की तैयारी” होते हैं। इसी वजह से उत्तर कोरिया अक्सर इन अभ्यासों के दौरान या उसके आसपास अपने मिसाइल परीक्षणों को अंजाम देता है, ताकि अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया जा सके और रणनीतिक संदेश दिया जा सके।
यह मिसाइल प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका की विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सैन्य और कूटनीतिक सक्रियताओं के बीच पूर्वी एशिया में रणनीतिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे माहौल में उत्तर कोरिया का यह कदम क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और सुरक्षा समीकरणों को और जटिल बना सकता है।
पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया:
मिसाइल लॉन्च की खबर मिलते ही दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। तीनों देशों की सेनाओं ने स्थिति पर करीबी नजर रखी और निगरानी प्रणाली को और मजबूत कर दिया। जापान की सरकार ने शुरुआती तौर पर एहतियाती चेतावनी जारी की, लेकिन बाद में स्पष्ट किया कि कोई भी मिसाइल उसके क्षेत्र या विशेष आर्थिक क्षेत्र में नहीं गिरी। इसके बावजूद इस घटना को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षण उसके विस्तारित और उन्नत होते मिसाइल कार्यक्रम की ओर संकेत करते हैं। यह कार्यक्रम न केवल कोरियाई प्रायद्वीप बल्कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
