ममता का किला बचेगा या खिलेगा कमल? जाने Opning Poll के चौंकाने वाले नतीजे
Bengal Election 2026 के ओपिनियन पोल ने चौंकाया! TMC और BJP के बीच कांटे की टक्कर, क्या ममता बनर्जी बचा पाएंगी अपनी सत्ता? जानें सीटों का पूरा गणित और वोट शेयर।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक रैलियों के दौरान अपनी बात रखते मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (बाएं) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (दाएं)।
West Bengal Assembly Election 2026 Opinion Poll : पश्चिम बंगाल की राजनीति हमेशा से ही अपने तीखे तेवरों और अप्रत्याशित मोड़ों के लिए जानी जाती रही है, लेकिन साल 2026 का विधानसभा चुनाव एक ऐसे मोड़ पर खड़ा दिख रहा है जहाँ सत्ता का संतुलन किसी भी ओर झुक सकता है। देश के पांच राज्यों में होने वाले चुनावों के बीच बंगाल और असम पर सबकी नजरें टिकी हैं। इसी गहमागहमी के बीच 'MATRIZE' द्वारा जारी ताजा ओपिनियन पोल ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। सर्वे के आंकड़े न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि वे राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों—तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP)—की सांसें अटकाने के लिए काफी हैं।
सर्वेक्षण के अनुसार, बंगाल की 294 सीटों पर इस बार कांटे की टक्कर होने की संभावना है। मत प्रतिशत के मामले में टीएमसी 43 प्रतिशत वोटों के साथ मामूली बढ़त बनाए हुए है, जबकि भाजपा 42 प्रतिशत वोटों के साथ उनके बेहद करीब खड़ी है। सीटों के अनुमानित आंकड़ों की बात करें तो ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी को 140 से 160 सीटें मिलने का अनुमान है, वहीं भाजपा 130 से 150 सीटों के साथ सत्ता के दरवाजे पर दस्तक दे रही है। राज्य में बहुमत का जादुई आंकड़ा 148 है, और सर्वे की ऊपरी और निचली सीमाएं यह संकेत दे रही हैं कि मुकाबला अंतिम क्षण तक रोमांचक बना रहेगा। अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में 8 से 16 सीटें जाने की संभावना जताई गई है, जो त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
इस बार का राजनीतिक परिदृश्य पिछले चुनावों की तुलना में काफी बदला हुआ है। टीएमसी से अलग होकर हुमायूं कबीर द्वारा गठित 'आम जनता उन्नयन पार्टी' और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी 'AIMIM' के बीच हुआ गठबंधन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। यह गठबंधन विशेष रूप से मुस्लिम बहुल सीटों पर टीएमसी के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यही कारण है कि अधिकतर निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
निर्वाचन आयोग ने भी इस लोकतांत्रिक उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण की अधिसूचना 30 मार्च और दूसरे चरण की 2 अप्रैल 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन की प्रक्रिया अप्रैल के प्रथम पखवाड़े में पूरी कर ली जाएगी और पूरी चुनाव प्रक्रिया 6 मई 2026 तक संपन्न होगी। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इस बार 6.44 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 3.28 करोड़ पुरुष और 3.16 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। आयोग विशेष रूप से 5.23 लाख फर्स्ट टाइम वोटरों और 4.16 लाख दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम जागरूकता अभियान चला रहा है।
साल 2021 के चुनावों में जहाँ ममता बनर्जी ने 215 सीटें जीतकर एकतरफा वर्चस्व स्थापित किया था, वहीं 2026 के ये ओपिनियन पोल एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। क्या दीदी अपना किला बचाने में सफल होंगी या बंगाल में सत्ता परिवर्तन की नई इबारत लिखी जाएगी, इसका फैसला अब जनता के हाथ में है। बहरहाल, ओपिनियन पोल के इन आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि 2026 का चुनाव केवल एक मतदान नहीं, बल्कि बंगाल के भविष्य को तय करने वाला महासंग्राम होगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
