दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी को अब फिनलैंड की आधुनिक तकनीक से नया जीवन मिलने जा रहा है। लंबे समय से गंदगी और प्रदूषण से जूझ रही यमुना की सफाई के लिए दिल्ली सरकार ने एक अत्याधुनिक उभयचर ड्रेजर मशीन खरीदने का फैसला किया है, जो पानी और जमीन दोनों पर काम करने में सक्षम है। यह मशीन दिसंबर 2025 तक दिल्ली पहुंचेगी और जनवरी 2026 से संचालन शुरू हो जाएगा।

करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई Amphibious Classic 4 Watermaster नामक यह मशीन फिनलैंड में बनी है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 6 मीटर तक की गहराई से गाद या ठोस अपशिष्ट निकाल सकती है। इसमें लगे सक्शन ड्रेजिंग पंप, बैकहो बकेट और रेकिंग उपकरण जैसे मॉड्यूलर सिस्टम जरूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं। इससे सफाई कार्य न केवल तेजी से होगा बल्कि पानी में जमी मोटी गाद की परत को भी आसानी से हटाया जा सकेगा।

सरकार के अनुसार, इस मशीन का सबसे पहले उपयोग यमुना के उन हिस्सों में किया जाएगा जो सबसे ज्यादा प्रदूषित हैं और जहां लंबे समय से गाद जमी हुई है। इसके बाद इसे साहिबी नदी बेसिन के पुनर्जीवन कार्यों में लगाया जाएगा। यह पूरी पहल "यमुना पुनर्जीवन मिशन" का हिस्सा है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में नदी के जल को नहाने योग्य स्तर तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यावरण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, यह मशीन केवल नदी की सफाई के लिए ही नहीं बल्कि पूरे दिल्ली के जल पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित करने के लिए जरूरी कदम है। उनका कहना है कि यह पहल दिल्ली को स्वच्छ, हरित और जल-संवेदनशील शहर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

दिल्ली सरकार का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से सिर्फ यमुना नहीं बल्कि राजधानी के अन्य जल स्रोतों के पुनर्जीवन कार्यों को भी गति मिलेगी। साथ ही, यह कदम जलभराव की समस्या से राहत देने में भी सहायक हो सकता है क्योंकि उभयचर मशीन नालों और नदी तटों से जमा कचरा एक समान दक्षता से साफ कर सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक परंपरागत सफाई तरीकों की तुलना में कहीं अधिक कारगर होगी। अब तक यमुना में सफाई अभियान अक्सर धीमी गति से आगे बढ़ते रहे हैं और ठोस अपशिष्ट हटाने में कठिनाइयाँ आती रही हैं। लेकिन फिनलैंड की इस मशीन से न केवल सफाई की रफ्तार बढ़ेगी बल्कि प्रदूषण को जड़ से हटाने में भी मदद मिलेगी।

इस पूरी परियोजना से दिल्लीवासियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य की उम्मीद जुड़ी है। सरकार का कहना है कि जब यह मशीन काम शुरू करेगी, तब न केवल यमुना का रूप बदलेगा बल्कि शहर के पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।



Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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