हिंसा और सियासी आरोपों के बीच Bangladesh में 13वें संसदीय चुनाव की वोटिंग खत्म, 47.91% मतदान दर्ज
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ। 47.91% वोटिंग दर्ज, अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी, बीएनपी और जमात के बीच कड़ा मुकाबला, आवामी लीग ने चुनाव पर उठाए सवाल। भारत-बांग्लादेश संबंधों और क्षेत्रीय संतुलन पर टिकी दुनिया की नजर।

BNP Tarique Rahman vote news : महीनों की राजनीतिक अस्थिरता, सड़कों पर प्रदर्शन, हिंसक झड़पों और 2024 के सत्ता परिवर्तन के बाद बांग्लादेश ने आखिरकार लोकतांत्रिक परीक्षा के सबसे अहम दिन का सामना किया। गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को देश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ। यह चुनाव केवल नई सरकार के गठन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे बांग्लादेश की लोकतांत्रिक दिशा, राष्ट्रीय पहचान और क्षेत्रीय संतुलन के भविष्य से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
राजधानी ढाका सहित देशभर में सुबह 7:30 बजे से मतदान शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चला। जिन केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें बनी रहीं, वहां प्रक्रिया पूरी होने तक मतदान जारी रहा। चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर 2 बजे तक 47.91% मतदान दर्ज किया गया। कई केंद्रों पर लंबी कतारें दिखीं, तो कुछ स्थानों पर अपेक्षाकृत कम मतदान भी देखा गया।
लोकतंत्र का “बड़ा दिन” : अंतरराष्ट्रीय निगरानी और सुरक्षा इंतजाम
यूरोपीय संघ चुनाव पर्यवेक्षण मिशन के मुख्य पर्यवेक्षक इवार्स इजैब्स ने इसे “बांग्लादेश के लोकतंत्र के लिए बड़ा दिन” बताया। इस चुनाव में 8 अंतरराष्ट्रीय संगठनों और 40 देशों से कुल 335 विदेशी पर्यवेक्षक पहुंचे, जबकि 44,996 स्थानीय पर्यवेक्षक भी तैनात रहे।
आधे से अधिक मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया था। अधिकारियों के अनुसार लगभग 90% केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई और ढाका में बॉडी कैमरे से लैस पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
चुनाव से जुड़े प्रमुख आंकड़े :
श्रेणी | संख्या |
विदेशी पर्यवेक्षक | 335 |
स्थानीय पर्यवेक्षक | 44,996 |
संवेदनशील मतदान केंद्र | 50% से अधिक |
दोपहर 2 बजे तक मतदान | 47.91% |
मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने मतदान प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए कहा कि देशभर में उत्साह देखने को मिला और लोग ईद की तरह अपने गृह नगर लौटकर मतदान करने पहुंचे।
प्रमुख नेताओं का मतदान और बयानबाज़ी :
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान के साथ मतदान किया। वह ढाका-17 और बोगरा-6 सीटों से चुनाव मैदान में हैं। मतदान के बाद उन्होंने मतदाताओं से बड़ी संख्या में भागीदारी की अपील की और कहा कि अगर नतीजे निष्पक्ष होंगे तो उन्हें स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कानून-व्यवस्था सुधार को प्राथमिकता बताया।
बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने मतदान को “देश में नए अध्याय की शुरुआत” करार दिया। वहीं, अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने मतदान के बाद इसे “नए बांग्लादेश का जन्मदिन” बताया और संसदीय चुनाव के साथ जनमत संग्रह में भी भाग लेने का आग्रह किया।
आरोप-प्रत्यारोप और छिटपुट हिंसा :
चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज रहे। बीएनपी ने जमात-ए-इस्लामी पर धांधली के आरोप लगाए, जबकि जमात उम्मीदवार खालिदुज जमान ने कुछ केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी का दावा किया।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग ने चुनाव को “नकली और दिखावटी” बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की। पार्टी ने देश में भीड़ हिंसा और भय के माहौल का आरोप लगाया।
गोपालगंज क्षेत्र में एक मतदान केंद्र के पास देसी बम विस्फोट में तीन लोग घायल हुए। बागेरहाट जिले में झड़प में जमात के कार्यकर्ता घायल हुए, जबकि एक बीएनपी नेता की मौत की पुष्टि हुई। हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण बताया गया।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर मतदाताओं की नजर :
मतदान के दौरान कई मतदाताओं ने नई सरकार से भारत के साथ बेहतर संबंध बहाल करने की अपेक्षा जताई। एक महिला मतदाता अदीबा ने कहा कि हाल के समय में दोनों देशों के रिश्तों में आई दूरी को दूर किया जाना चाहिए।
जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो भारत के साथ सम्मानजनक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और पड़ोसी देशों के साथ सकारात्मक संबंधों पर जोर दिया।
क्षेत्रीय और वैश्विक नजर :
इस चुनाव पर भारत, चीन और पाकिस्तान की नजर बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि परिणाम दक्षिण एशिया में राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। 2024 के सत्ता परिवर्तन और शेख हसीना के भारत आने के बाद यह पहला बड़ा राष्ट्रीय चुनाव है, जिसने वैश्विक समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
