वेनेज़ुएला में भूकंप की तबाही के बीच चमत्कार ; मलबे से 18 दिन का नवजात ज़िंदा निकला, 90 मिनट बाद माँ भी बची
वेनेज़ुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के जुड़वां भूकंपों के बाद मलबे से 18 दिन के नवजात शिशु को जीवित बचाया गया। पिता से भावनात्मक मिलन के बाद 90 मिनट में माँ को भी सुरक्षित निकाला गया। सैकड़ों मौतों और व्यापक तबाही के बीच यह घटना उम्मीद की किरण बनी।

मलबे से 18 दिन का नवजात और उसकी मां सुरक्षित निकाले गए
वेनेज़ुएला में आए विनाशकारी जुड़वां भूकंपों ने देश के उत्तरी हिस्से को गहरे संकट में धकेल दिया है, जहां लगातार चल रहे बचाव अभियानों के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे राहत कार्य में आशा की एक किरण जगा दी है। मलबे में तब्दील हो चुकी एक इमारत से बचाव दलों ने 18 दिन के एक नवजात शिशु को जीवित अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला, जिसे आपदा के बीच एक “चमत्कारी” बचाव माना जा रहा है।
यह घटना उस समय सामने आई जब भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में मलबे के नीचे जीवित लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा था। बताया गया है कि बचाव दलों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने ढही हुई संरचनाओं के नीचे जीवन के संकेत महसूस किए, जिसके बाद अत्यंत सावधानी के साथ खुदाई अभियान शुरू किया गया। लंबे और जोखिम भरे प्रयासों के बाद टीम ने मलबे में दबे नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना के बाद तुरंत ही शिशु को प्राथमिक चिकित्सा दी गई और उसकी स्थिति स्थिर पाई गई। राहत एवं बचाव कार्य में मौजूद अधिकारियों और परिजनों के बीच उस समय भावनात्मक दृश्य देखने को मिला जब बच्चे को उसके पिता से मौके पर ही मिलाया गया। इस घटना के लगभग 90 मिनट बाद, उसी ढही हुई संरचना के मलबे से बच्चे की माँ को भी जीवित अवस्था में सुरक्षित निकाला गया, जिससे पूरे बचाव दल में राहत और भावुकता का माहौल बन गया।
यह आपदा उस समय और अधिक भयावह हो गई जब उत्तरी वेनेज़ुएला में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। इन भूकंपों का केंद्र तटीय क्षेत्र, विशेष रूप से ला गुआइरा और कराकस के आसपास बताया गया है। भूकंप के कारण बड़े पैमाने पर तबाही हुई, जिसमें सैकड़ों इमारतें ढह गईं और कई आवासीय इलाके पूरी तरह मलबे में बदल गए। बिजली और संचार सेवाएँ भी बुरी तरह प्रभावित हुईं, जिससे राहत कार्य और कठिन हो गया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में मृतकों की संख्या 500 से 900 से अधिक तक पहुँच चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लगातार बढ़ते खतरे और बाद के झटकों के बीच बचाव अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कई क्षेत्रों में भारी मशीनरी की कमी के कारण बचाव कार्य मुख्य रूप से हाथों से मलबा हटाकर किया जा रहा है। सेना, अग्निशमन दल और स्वयंसेवक लगातार मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने में जुटे हुए हैं। इसी बीच, नवजात शिशु और उसकी माँ के जीवित बचने की घटना ने पूरे राहत अभियान को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है।
भूकंप प्रभावित इलाकों में हजारों लोग बेघर हो गए हैं और अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और आवश्यक संसाधनों की भारी कमी की स्थिति बनी हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों तक पहुँच अभी भी पूरी तरह संभव नहीं हो पाई है। इस भयावह आपदा के बीच नवजात शिशु का सुरक्षित बचना न केवल बचाव कार्यों की सफलता को दर्शाता है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में जीवन की संभावना और मानव प्रयासों की शक्ति को भी उजागर करता है। वेनेज़ुएला में जारी यह राहत अभियान अभी भी जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
