Venezuela Earthquake : कुदरत के एक खौफनाक सितम ने वेनेजुएला को तबाही के उस मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाए। स्थानीय समयानुसार शाम ठीक छह बजकर चार मिनट पर, जब पूरा देश राष्ट्रीय अवकाश के माहौल में अपने घरों में सुस्ता रहा था, तभी महज कुछ सेकंड के अंतराल पर आए दो भीषण भूकंपों ने हंसते-खेलते शहरों को पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। पहला झटका रिक्टर पैमाने पर 7.2 की तीव्रता का दर्ज किया गया, जिसने धरती को बुरी तरह झकझोर दिया और इससे पहले कि लोग संभल पाते, 7.5 तीव्रता के दूसरे विनाशकारी झटके ने चारों तरफ चीख-पुकार मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा का केंद्र राजधानी काराकास के पश्चिम में स्थित मोंटालबान क्षेत्र रहा। भूकंप का असर इतना व्यापक और तीव्र था कि इसके झटके पड़ोसी देश कोलंबिया की राजधानी बोगोटा तक महसूस किए गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में ऊंची-ऊंची इमारतों में डरावनी दरारें साफ देखी जा सकती हैं, जबकि कई बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो चुकी हैं। खौफ के मारे लोग अपने घरों को छोड़कर सड़कों और खुले मैदानों की तरफ भाग रहे हैं और दोबारा विनाशकारी आफ्टरशॉक आने के डर से कोई भी अपने आशियाने में लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

इस तबाही के इतने असरदार और जानलेवा होने के पीछे की मुख्य वजह इसकी गहराई को माना जा रहा है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार, दोनों ही भूकंप जमीन की सतह से महज 10 से 13 किलोमीटर की गहराई पर आए थे, जिसे भूकंप विज्ञान की भाषा में 'बेहद उथला भूकंप' कहा जाता है। सतह के इतने करीब होने के कारण इसकी विनाशकारी ऊर्जा सीधे तौर पर रिहायशी इलाकों से टकराई, जिससे राजधानी काराकास से लेकर देश के तमाम शहरों में भारी नुकसान हुआ है। हालांकि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने प्राथमिक तौर पर 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि की है, लेकिन वास्तविक तस्वीर इससे कहीं ज्यादा भयावह नजर आ रही है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी यूएसजीएस ने जो शुरुआती अनुमान जारी किए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। यूएसजीएस के मुताबिक, इस आपदा में भारी जानमाल का नुकसान होना तय है और मृतकों का यह आंकड़ा 10,000 से लेकर 1,00,000 के बीच पहुंच सकता है। राजधानी के चाकाओ जिले के मेयर गुस्तावो ड्यूक ने बताया कि उनके इलाके में ही चार बड़ी इमारतें पूरी तरह ढह चुकी हैं, जहां से फिलहाल 22 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने भी स्वीकार किया है कि काराकास मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के पूर्वी हिस्से सहित देश भर के शहरों में नुकसान की खबरें लगातार आ रही हैं।

विनाश की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकाल यानी इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है। सरकार के तमाम राष्ट्रीय, राज्य और नगरपालिका अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत कार्य में झोंक दिया गया है। राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने देश के नाम एक भावुक संबोधन में सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों से तुरंत काम पर लौटने की पुरजोर अपील की है, ताकि अस्पतालों और निजी स्वास्थ्य केंद्रों के आपातकालीन कक्षों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे घायलों को बचाया जा सके। इस बीच, किसी भी बड़ी अनहोनी या आगजनी को रोकने के लिए गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने पूरे देश में गैस की सप्लाई को अस्थायी रूप से बंद करने का कड़ा आदेश दिया है। कैबेलो ने जनता से धैर्य बनाए रखने और कमजोर हो चुकी इमारतों के ढहने के खतरे के कारण फिलहाल खुले स्थानों पर ही शरण लेने का आग्रह किया है। राहत की बात बस इतनी रही कि अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा द्वारा कैरेबियाई क्षेत्र, प्यूर्टो रिको और वर्जिन द्वीप समूह के लिए जारी की गई सुनामी की चेतावनी को बाद में रद्द कर दिया गया, जिससे एक और बड़े खतरे की आशंका टल गई।


इस भीषण मानवीय त्रासदी के समय वेनेजुएला की मदद के लिए दुनिया के महाशक्तियों ने भी अपने हाथ आगे बढ़ाए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के जरिए गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका संकट की इस घड़ी में वेनेजुएला की हरसंभव मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप ने अपनी सरकार की सभी एजेंसियों को तुरंत वेनेजुएला के लिए एक्शन मोड में आने का निर्देश दिया है और उसे अपना एक 'नया और महान मित्र' बताया है। इसके तुरंत बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन टीमें, जीवन रक्षक दवाएं और मानवीय सहायता सामग्री वेनेजुएला के लिए रवाना कर दी गई हैं। वहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भीषण आपदा पर गहरा दुख प्रकट किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत की ओर से वे वेनेजुएला सरकार, वहां की जनता और अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और हर प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। अब पूरी दुनिया की नजरें वेनेजुएला में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं, जहां मलबे के नीचे दबी जिंदगियों को बचाने के लिए समय के खिलाफ एक बेहद मुश्किल जंग लड़ी जा रही है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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