वेनेजुएला में 24 जून 2026 की रात आई प्राकृतिक आपदा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। कुछ ही सेकंड के अंतराल पर आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने राजधानी कराकास समेत कई राज्यों में व्यापक तबाही मचा दी। शुरुआती झटकों के बाद सामने आए विनाश के दृश्य इतने भयावह थे कि इन्हें देश के पिछले एक शताब्दी से अधिक समय के सबसे विनाशकारी भूकंपीय घटनाक्रमों में से एक माना जा रहा है।

भूकंप का पहला झटका रिक्टर पैमाने पर 7.2 तीव्रता का दर्ज किया गया, जबकि उसके तुरंत बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र कराकास के पश्चिम में स्थित तटीय शहर मोरोन के निकट बताया गया है। शक्तिशाली कंपन के कारण हजारों लोग रातोंरात अपने घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए और कई क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पुष्टि की है कि इस भीषण आपदा में अब तक 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 971 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मलबे में दबे लोगों की तलाश अभी भी जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या में और वृद्धि होने की आशंका बनी हुई है।


भूकंप का सबसे ज्यादा असर ला गुआइरा, कराकास, मिरांडा, अरागुआ, काराबोबो और फाल्कोन राज्यों में देखा गया है। इनमें ला गुआइरा को सबसे अधिक नुकसान झेलने वाला क्षेत्र माना जा रहा है। यहां कई बहुमंजिला इमारतें पूरी तरह ढह गईं, जबकि अनेक आवासीय और व्यावसायिक संरचनाएं गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

आपदा के बाद सामने आई तस्वीरों में बड़े पैमाने पर ढही हुई इमारतें, मलबे से अटी सड़कें और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा दिखाई दिया। दर्जनों अपार्टमेंट, मकान, होटल और व्यावसायिक भवन धराशायी हो गए हैं। सड़कों पर गिरे बिजली के खंभों और मलबे के कारण कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। राजधानी कराकास के कई हिस्सों में बिजली और संचार सेवाओं में लंबे समय तक बाधा बनी रही। देश के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद उसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इसके अलावा सुरक्षा जांच पूरी होने तक मेट्रो और रेल सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।


आपदा के तुरंत बाद राष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। हजारों आपातकालीन कर्मी, सैन्य बल, दमकलकर्मी और स्वयंसेवक मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। बचाव दलों ने कई इमारतों से जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। कराकास में कुछ लोगों को भूकंप के कई घंटों बाद भी मलबे के नीचे से जीवित निकाला गया, जिसने राहत कार्यों में जुटी टीमों और प्रभावित परिवारों के बीच उम्मीद की किरण जगाई।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई देशों ने वेनेजुएला को सहायता की पेशकश की है। भारत, अमेरिका, ब्राजील, अर्जेंटीना और चिली सहित अनेक यूरोपीय तथा लैटिन अमेरिकी देशों ने खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा सहायता और मानवीय राहत सामग्री भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। विशेषज्ञों और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के आकलन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स बचाव कार्यों को जटिल बना रहे हैं। कई दुर्गम इलाकों तक राहत दल अभी भी पूरी तरह नहीं पहुंच पाए हैं, जिसके कारण अंतिम मृतक संख्या वर्तमान आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है।

फिलहाल पूरे देश में आपातकाल की स्थिति बनी हुई है। मृतकों की संख्या 164 पर पहुंच चुकी है, 971 से अधिक लोग घायल हैं, राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है, अंतरराष्ट्रीय सहायता पहुंच रही है और भूकंप के बाद आने वाले झटके अब भी लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। यह त्रासदी केवल वेनेजुएला के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गंभीर मानवीय संकट के रूप में उभर रही है, जिसके प्रभाव लंबे समय तक महसूस किए जा सकते हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story