US Seizes Iranian Ship Arabian Sea : अरब सागर की लहरों पर एक बार फिर बारूद की महक फैल गई है और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी नौसेना ने एक दुस्साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज 'एम/वी तासिका' पर न केवल भीषण गोलीबारी की, बल्कि उसे अपने कब्जे में ले लिया है। इस घटना ने मध्य पूर्व में पहले से ही सुलग रही आग में घी डालने का काम किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की है कि यह कार्रवाई ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश के जवाब में की गई है। तेहरान ने इस पूरी घटना को 'सशस्त्र समुद्री डकैती' करार देते हुए अमेरिका को इसके विनाशकारी परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दी है, जिससे दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में हड़कंप मच गया है।

घटना के विवरण के अनुसार, यह हाई-वोल्टेज ड्रामा करीब छह घंटे तक चले एक तनावपूर्ण गतिरोध के बाद शुरू हुआ। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि उनके गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर 'यूएसएस स्प्रुअंस' ने ईरानी जहाज को रेडियो के माध्यम से बार-बार चेतावनी दी और उसे नाकाबंदी क्षेत्र से पीछे हटने का आदेश दिया। जब ईरानी चालक दल ने इन आदेशों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, तो अमेरिकी सेना ने बल प्रयोग का रास्ता अपनाया। डिस्ट्रॉयर ने सीधे जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर सटीक गोलीबारी की, जिससे जहाज का प्रोपल्शन सिस्टम (आगे बढ़ने का तंत्र) पूरी तरह निष्क्रिय हो गया और जहाज समंदर के बीचों-बीच लाचार होकर रुक गया। वॉशिंगटन द्वारा इस महीने की शुरुआत में लगाई गई नाकाबंदी के बाद बल प्रयोग का यह पहला बड़ा मामला है, जिसने कूटनीतिक रास्तों को लगभग बंद कर दिया है।

ईरानी सैन्य अधिकारियों और खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय ने इस पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। तेहरान का कहना है कि उनके सैनिकों ने केवल चालक दल के सदस्यों और उनके परिवारों की जान बचाने के लिए संयम बरता और अमेरिकी मरीन को जहाज पर चढ़ने से नहीं रोका। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसकी सशस्त्र सेनाएं इस 'अपराध' का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और जल्द ही एक निर्णायक जवाबी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में, अमेरिकी मरीन जहाज पर लदे हजारों कंटेनरों की सघन तलाशी ले रहे हैं, क्योंकि उन्हें संदेह है कि यह जहाज ईरान की प्रतिबंधित आपूर्ति श्रृंखलाओं का हिस्सा है। 'एम/वी तासिका' पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में शामिल था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका इसे एक बड़े खतरे के रूप में देख रहा था।

यह सैन्य टकराव एक ऐसे संवेदनशील समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा दो सप्ताह का संघर्ष-विराम समाप्त होने की कगार पर है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है, एक बार फिर इस महाशक्ति संघर्ष का केंद्र बन गया है। ऐतिहासिक रूप से, इस क्षेत्र में होने वाली मामूली हलचल भी वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल लाती है और अब सीधी गोलीबारी की इस घटना ने एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समय सांसें थामकर देख रहा है कि तेहरान की ओर से आने वाला 'जवाबी पलटवार' किस स्वरूप में होगा और क्या यह समंदर में छिड़ी यह जंग दुनिया को एक नए संकट की ओर धकेल देगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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