Iran-US Ceasefire के बीच गायब हुआ 1600 करोड़ का अमेरिकी ड्रोन; जाने पूरा मामला
ईरान-US सीजफायर के बीच 1600 करोड़ का अमेरिकी MQ-4C ट्राइटन ड्रोन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लापता। क्या यह दुर्घटना है या साजिश? जानिए इस रहस्यमयी घटना के पीछे का सच।

होर्मुज के पास लापता हुए अमेरिकी MQ-4C ड्रोन का Flightradar24 ट्रैक
Iran US ceasefire drone disappearance mystery : खाड़ी के देशों में शांति की उम्मीदों के बीच एक ऐसी घटना घटी है जिसने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों और कूटनीतिज्ञों की नींद उड़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक युद्धविराम को अभी महज 48 घंटे भी नहीं बीते थे कि अमेरिकी नौसेना का सबसे आधुनिक और बेहद महंगा निगरानी ड्रोन, MQ-4C ट्राइटन, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर उड़ान भरते समय अचानक रडार से ओझल हो गया। लगभग 1600 करोड़ रुपये की कीमत वाला यह 'सुपर-ड्रोन' उस समय लापता हुआ जब वह नियमित निगरानी के बाद अपने बेस की ओर लौट रहा था। इस घटना ने न केवल रक्षा गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि उस नाजुक शांति समझौते पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके तहत ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोलने पर सहमति जताई थी।
घटनाक्रम के अनुसार, 'दी वॉर जोन' की रिपोर्ट और फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा यह संकेत देते हैं कि गायब होने से ठीक पहले ड्रोन ने एक इमरजेंसी अलर्ट भेजा था। इटली के सिगोनेला बेस से संचालित होने वाला यह ड्रोन करीब तीन घंटे तक फारस की खाड़ी की टोह लेने के बाद वापस लौट रहा था, तभी अचानक Flightradar24 पर इसकी स्थिति में बदलाव देखा गया। ड्रोन ने अचानक अपना रुख ईरान की ओर मोड़ा और संकट का सूचक 'कोड 7700' प्रसारित किया। इसके तुरंत बाद, अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ रहा यह विशालकाय ड्रोन तेजी से समुद्र की ओर गोता लगाने लगा और देखते ही देखते रडार स्क्रीन से पूरी तरह गायब हो गया। फिलहाल यह रहस्य बना हुआ है कि यह किसी तकनीकी खामी का शिकार हुआ है या इसे जानबूझकर मार गिराया गया है।
MQ-4C ट्राइटन की सैन्य महत्ता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 200 मिलियन डॉलर की लागत वाला यह ड्रोन समुद्री निगरानी का 'शिखर' माना जाता है, जो 50,000 फीट की ऊंचाई पर लगातार 24 घंटे से अधिक समय तक डटा रह सकता है। इसकी 7,400 नॉटिकल मील की विशाल रेंज इसे दुश्मन की हर हरकत पर पैनी नजर रखने की बेमिसाल ताकत देती है। यह अक्सर P-8A पोसीडॉन विमानों के साथ मिलकर एक अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार करता है। ऐसे में, अमेरिकी बेड़े के इस सबसे कीमती मोहरे का गायब होना पेंटागन के लिए एक बड़ा सामरिक झटका है।
U.S. Navy MQ‑4C Triton squawks emergency, plunges over Persian Gulf before disappearing from radar cause unclearAn MQ‑4C high‑altitude surveillance drone abruptly transmitted a 7700 emergency code and lost altitude before vanishing from public tracking data over the Strait of… pic.twitter.com/mu0RaTDH87— Washington Eye (@washington_EY) April 9, 2026
यह दुर्घटना ऐसे समय में आई है जब अमेरिका पर इस युद्ध का आर्थिक बोझ अपनी चरम सीमा पर है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका इस संघर्ष में हर सेकंड करीब 9.8 लाख रुपये खर्च कर रहा है, जिसमें मिसाइल डिफेंस सिस्टम और हवाई अभियानों पर होने वाला दैनिक खर्च ही हजारों करोड़ों में है। एक तरफ जहां THAAD और पैट्रियट जैसे सिस्टम आसमान को सुरक्षित रखने में अरबों रुपये खर्च कर रहे हैं, वहीं इस ताजा घटना ने सैन्य खर्च और क्षेत्रीय स्थिरता के बीच के संतुलन को फिर से बिगाड़ दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के आधिकारिक बयानों पर टिकी हैं, क्योंकि इस ड्रोन का मलबा जहां भी मिलेगा, वह भविष्य की वैश्विक राजनीति और युद्धविराम की दिशा तय करेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
