अमेरिका की ईरान पर एयरस्ट्राइक; स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विवाद के बाद बढ़ा तनाव
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन और रडार ठिकानों को बनाया निशाना।

ईरान के सांसद इब्राहिम अजीजी ने जून 2026 में अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों की आलोचना करते हुए इसे युद्धविराम समझौते का सीधा उल्लंघन बताया है।
US airstrike on Iranian missile and drone sites in Strait of Hormuz : मध्य पूर्व की धरती एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठ गई है, जहां तनाव अब बेहद खतरनाक और बेकाबू स्तर पर पहुंच चुका है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में एक अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक जहाज पर हुए ड्रोन हमले की चिंगारी ने ऐसा रूप अख्तियार किया कि अमेरिकी युद्धक विमानों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भीषण जवाबी कार्रवाई कर दी। इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच युद्धविराम की कोशिशों को गहरा झटका लगा है। अमेरिकी एयरस्ट्राइक के तुरंत बाद ईरान की तरफ से बेहद तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने साफ कर दिया है कि अब यह गतिरोध केवल बयानों तक सीमित रहने वाला नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अमेरिकी नेतृत्व पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जब दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर थे, उस वक्त हमला करके वॉशिंगटन ने साबित कर दिया है कि उसे न तो राजनयिक सिद्धांतों की परवाह है और न ही वह सीजफायर को लेकर गंभीर है। उन्होंने निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति को 'असफल' करार देते हुए चेतावनी दी कि युद्धविराम का यह लापरवाह उल्लंघन हमेशा की तरह अंत में अमेरिका के लिए भारी पड़ेगा और उसे अपनी इस हिमाकत के लिए न सिर्फ पीछे हटना होगा, बल्कि पछताना भी पड़ेगा। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अब अमेरिका का कोई भी 'ब्लेम गेम' स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सैन्य मोर्चे से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, इस भीषण टकराव की शुरुआत २५ जून को हुई थी, जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ओमान के तट के पास गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज 'एम/वी एवर लवली' को निशाना बनाया गया था। इस जहाज पर एकतरफा हमलावर ड्रोन से हमला किया गया था, जिसका सीधा आरोप अमेरिका ने ईरान समर्थित बलों पर मढ़ा। इसी के जवाब में २६ जून को अमेरिकी सेना ने एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू करते हुए ईरान के भीतर स्थित मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों को नेस्तनाबूद कर दिया। इसके साथ ही तटीय इलाकों में मौजूद ईरान के रडार ठिकानों पर भी सटीक हवाई हमले किए गए ताकि उनकी निगरानी क्षमता को ध्वस्त किया जा सके। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय का दावा है कि एक वाणिज्यिक जहाज पर किया गया हमला पूरी तरह से अवैध और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का खुला उल्लंघन था।
इस तनाव में अब वैश्विक मोर्चेबंदी भी साफ दिखाई देने लगी है। ब्रिटेन की सेना और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ओमान के तट के पास एक कंटेनर जहाज मिसाइल या ड्रोन जैसे किसी प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया था। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। वहीं दूसरी ओर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने फारस की खाड़ी में फंसे अन्य जहाजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी निकासी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। संगठन के महानिदेशक अर्सेनियो डोमिंगुएज ने चिंता जताते हुए बताया कि हाल के दिनों में इस संकरे समुद्री मार्ग से करीब ११५ जहाज सुरक्षित निकल चुके थे, लेकिन अब भी लगभग ५०० जहाज उसी संवेदनशील इलाके में फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
इस सैन्य टकराव ने न केवल समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति के सामने भी एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने साफ कर दिया है कि वे इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने मित्र देशों के साथ मिलकर पूरी तरह सतर्क और तैनात हैं। बहरहाल, बातचीत के दौर के बीच अमेरिका की इस बड़ी सैन्य कार्रवाई और ईरान की तरफ से मिली सीधी युद्ध की धमकी ने पूरे मध्य पूर्व को एक ऐसे मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां से भड़की एक भी छोटी सी चिंगारी विश्व शांति को पूरी तरह भंग कर सकती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
