अमेरिका और चीन के बीच महीनों से चल रही व्यापारिक तनातनी अब सुलझने की दिशा में बढ़ती नजर आ रही है। दक्षिण कोरिया के बुसान में गुरुवार (29 अक्टूबर) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक से दुनिया के बाजारों और निवेशकों को बड़ी उम्मीदें हैं कि दोनों देश आखिरकार अपने “ट्रेड वॉर” को विराम देने पर सहमत हो सकते हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि दोनों नेता एशिया पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय मुद्दों पर आमने-सामने बातचीत करेंगे। मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत में रणनीतिक, सुरक्षा और व्यापार संबंधी विषयों पर फोकस रहेगा। हालांकि, चीन ने यह साफ नहीं किया कि क्या इस मुलाकात में कोई ठोस व्यापार समझौता भी साइन किया जाएगा।

अमेरिका ने हाल ही में 1 नवंबर से चीनी सामानों पर 100% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया था। लेकिन अब यह बैठक ऐसे संकेत दे रही है कि हालात को शांत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने पहले ही संकेत दिया था कि संभावित ट्रेड डील का फ्रेमवर्क लगभग तैयार है। उनके मुताबिक, यह समझौता चीन को भारी टैरिफ से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

ट्रंप की नाराज़गी की जड़ चीन की वह नीति है, जिसके तहत बीजिंग ने हाई-टेक इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर नियंत्रण सख्त कर दिया था। साथ ही, चीन ने अमेरिका से सोयाबीन की खरीद भी रोक दी, जिससे अमेरिकी किसानों की आय पर सीधा असर पड़ा। ट्रंप प्रशासन ने इसे “आर्थिक हमले” जैसा कदम बताया और चीन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया।

अब जबकि दोनों महाशक्तियों के बीच बातचीत की मेज फिर से सज रही है, वैश्विक बाजारों में उम्मीद की किरण दिख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह बैठक सकारात्मक रही, तो न केवल टैरिफ संकट टलेगा, बल्कि एशिया और प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता को भी नई गति मिलेगी।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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